कोरोना वायरस को हराने 22 को जनता कर्फ्यू का ज्योतिषय पक्ष
● रविवार को राहू का नक्षत्र है। ●22 तारीख मतलब फिर से राहू। ●कोई भी वायरस इन्फेक्शन का कारक भी राहू है। तो राहू से बचने के लिए घर से न निकले। ● वास्तु में हम windchimes या मेटल को राहू का मानते है, मतलब, मेटल की आवाज राहू की है। ● 5 बजे मेटल, घंटी की आवाज होगी तो स्पेस में राहू मेनिफेस्ट हो जाएगााा ( जैसे हम डोनेशन से ग्रह की एनर्जी channelize करते है) तो उसके गलत प्रभाव से हमें तकलीफ कम होगी। ● 5 बजे का ही समय क्यों, क्योंकि उस समय राहू काल शुरू होगा। ★★★★★★★★★★★ कल २२.०३.२०२० को शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसके *दशापति राहु होता* हैं सत्य है। हां कल *पांच बजे से साढ़े छः तक राहुकाल* रहेगा । २२ यानी इसका योग *४ हुआ यह राहु का मूलांक* है। ज्योतिष में राहु को जहरीला धुआं माना गया हैं। राहु सर्प हैं वह अग्नि बिशेष तौर से जिसमें हवन सामग्री ड़ली हो बर्दाश्त नहीं कर सकता। ध्वनि तंरग पर राहु का प्रभाव रहता है। महामारी का कारक है।शरीर में कान, जिह्वा, समस्त सिर तथा गले में राहु का विशेष प्रभाव रहता है। कुछ ध्वनियां है जो राहु के प्रभाव को कम कर देती हैं। वाकई कल का दिन राहु के प्रभाव को कम करने के लिए उपाय के रूप में उपयोग करना चाहिए।ध्वनि तंरग को बाधित करने के लिए प्रतिध्वनि की जा सकती है। यह एक वैज्ञानिक विधि होगी। हालांकि यह जो रहस्यमय विषाणु हैं। इसके विस्तार में केतु, मंगल एवं बृहस्पति की युति है। 🙏🙏