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सातवां टोटका ...

रुके काम शुरू होंगे : यदि आप रविवार को एक पान का पत्ता लेकर घर से बाहर निकलेंगे तो आपके रुके हुए सभी कार्य संपन्न होना शुरू हो जाएंगे। आठवां टोटका ... विवाह हेतु : होने वाले जीवनसाथी को अपने प्रति आकर्षित करने के लिए तांबूल यानि पान के पत्ते की जड़ को घिसकर तिलक लगाएं। ऐसा करने से विवाह हेतु देखने आए लोग मोहित हो जाएंगे और आपका विवाह पक्का हो जाएगा। नौवां टोटका ... होली के दिन का उपाय : घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताश और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। इसके बाद होली की ग्यारह परिक्रमा करते हुए सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए। इससे घर में सुख और समृद्धि बढ़ती है तथा हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। दसवां टोटका ... पति प्रेम हेतु : शुक्ल पक्ष के प्रारंभ में एक पान का पत्ता लें। उस पर चंदन और केसर का पाउडर मिला कर रखें। फिर दुर्गा माताजी के सामने बैठकर दुर्गा स्तुति में से चंडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें। पान का पता रोज नया लें। रोज प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें। 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाहित कर दें। चंडी पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगाकर पति के सामने जाएं। इस उपाय से पति का प्रेम आप पर बना रहेगा।

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दूसरा टोटका ...

पान का दान : ताम्बूल अर्थात् पान होता है। पान का दान करने से मनुष्य पापों से छुटकारा पा जाता है, जबकि पान खाने से पाप होता है। वह पाप पान (ताम्बूल) दान करने से नष्ट हो जाता है। तीसरा टोटका ... नजरदोष : पान का पत्ता नकारात्मक उर्जा को दूर करने वाला और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला भी माना जाता है इसलिए नजर लगे व्यक्ति को पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर खिलाएं। चौथा टोटका.. भगवान शिव को अर्पित करें विशेष पान : यह बहुत कम लोग जानते हैं कि भगवान शिव को पान भी अर्पित किया जाता है। सावन माह में अगर भगवान शिव को विशेष पान अर्पित किया जाए तो हर तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। इस विशेष पान में केवल कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बुरा और सुमन कतरी डली हुई होती है। महादेव का पूजन कर नैवेद्य के पश्चात उनको पान अर्पण करें। पांचवां टोटका ... बिक्री बढ़ाने का उपाय : यदि आपको ऐसा लगता है कि किसी ने तांत्रिक क्रिया करके आपकी दुकान बांध दी है तो आप शनिवार प्रात: पांच पीपल के पत्ते और 8 पान के साबूत डंडीदार पत्ते लेकर उन्हें एक ही धागे में पिरोकर दुकान में पूर्व की ओर बांध दें। ऐसा कम से कम पांच शनिवार करें। पुराने पत्तों को किसी नदी या कुएं में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से आपकी बिक्री बढ़ेगी। छठा टोटका ... सुबह स्नान कर घर के देवालय या श्रीगणेश मंदिर में जाकर मूर्ति के समक्ष एक पान के पत्ते पर सिंदूर में घी मिलाकर या कुमकुम से रंगे चावल से स्वस्तिक बनाएं। अब उस पर कलावे यानी लाल नाड़े में एक सुपारी लपेटकर रखें। यह श्रीगणेश स्वरूप मानी जाती है। इस सुपारी की पूजा अच्छे से करेंगे तो मंगल होगा।

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मुंह का स्वाद ही नहीं किस्मत भी बदलता है पान, पढ़ें पान के 10 पूजा टोटके ....

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले या पूजा पाठ के दौरान पान के पत्ते के जरिए भगवान का नमन किया जाता है। स्कंद पुराण के मुताबिक देवताओं द्वारा समुद्र मंथन के समय पान के पत्ते का प्रयोग किया गया था। यही वजह है कि पूजा में पान के पत्ते के इस्तेमाल का विशेष महत्व है। आज हम आपको पान के ऐसे कुछ उपाय बताएंगे जिन्हें आजमाकर जीवन में धन, सुख, समृद्धि, सफलता, उन्नति और शांति प्राप्त कर सकते हैं। पहला टोटका .... मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमानजी को अच्छे से बनाया गया बीड़ा अर्पित किया जाए तो सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। बीड़ा अर्पित करने का अर्थ है कि अब से हनुमानजी आपका बीड़ा उठाएंगे। मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमानजी को विशेष पान चढ़ाएं। इस दिन तेल, बेसन और उड़द के आटे से बनाई हुई हनुमानजी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करके तेल और घी का दीपक जलाएं तथा विधिवत पूजन कर पूआ, मिठाई आदि का भोग लगाएं। इसके बाद 27 पान के पत्ते तथा गुलकंद, सौंफ आदि मुख शुद्धि की चीजें लेकर इनका बीड़ा बनाकर हनुमानजी को अर्पित करें। इस पान में केवल ये पांच चीज़ें डलवाएं: कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और सुमन कतरी। पान बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसमें चूना एवं सुपारी नहीं हो। साथ ही यह पान तंबाकू लगे हाथ से नहीं बनना चाहिए। हनुमानजी का विधि-विधान से पूजन करने के बाद यह पान हनुमानजी को अर्पण करें और साथ ही प्रार्थना करते हुए कहें, ‘हे हनुमानजी, आपको मैं यह मीठा रस भरा पान अर्पण कर रहा हूं। इस मीठे पान की तरह आप मेरा जीवन भी रसीला कर दीजिए, मिठास से भर दीजिए’। हनुमानजी की कृपा से कुछ ही दिन

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नमस्कार कल मैंने केतु के बारे में कहा था आज उसे आगे बनाते हैं यह वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी में बहुत इस…

नमस्कार कल मैंने केतु के बारे में कहा था आज उसे आगे बनाते हैं यह वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी में बहुत इस्तेमाल करते हैं इसे आप भी अपनी कुंडलियों पर लगा कर देख सकते हैं आपकी कुंडली में केतु जिस राशि में बैठा है और उसी राशि में आपके जीवनसाथी के कोई ग्रह बैठा है तो आप जीवन भर जीवनसाथी को उस ग्रह की वस्तुओं प्राप्त करने में मदद करते रहेंगे जैसे आपके केतु मिथुन राशि में है और जीवनसाथी के मिथुन राशि में शुक्र बैठा है तो आप जीवन भर उसको सजने संवरने बढ़िया कपड़े गहने मेकअप इत्यादि के लिए उत्साहित अथवा मदद करते रहेंगे इसी प्रकार अगर उसकी राशि में सूर्य बैठा है तो आप उसके मान सम्मान के लिए प्रयत्नशील रहेंगे इसी प्रकार अगर उसी राशि में दो या तीन ग्रह बैठे हैं तो व्यक्ति जीवन भर उसकी मदद करता रहेगा यह आप अपने बिजनेस पार्टनर और जीवनसाथी की कुंडली पर लगा कर चेक कर सकते हैं और अगर जिस राशि में आपके केतु बैठा है उसी राशि में जीवनसाथी का राहु बैठा है तो समझ लीजिए या पिछले जन्म का संबंध है कृपया इन सब बातों को अपने कुंडलियों में अच्छे से चेक करके कमेंट करें धन्यवाद यह मैंने वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी से लिया है और यह सदा सत्य पाया है

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🔸📖 *आज का पंचाग ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष द्वितीया 02 रविवार 24/05/2020*

*🔥दिव्य समस्या समाधान आध्यात्मिक परामर्श केन्द्र वैशाली नगर करौली राज... के सौजन्य से जनहित में जारी 🔥* *💐हरी मोहन शर्मा आध्यात्मिक गुरु वैशाली नगर करौली राज...💐* ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ 24-मई-2020 वार:-रविवार तिथी:-02द्वितीया25:00 पक्ष:-शुक्लपक्ष माह:-ज्येष्ठ नक्षत्र:-मृगशिर योग:-सुकर्मा06:23 करण:-बालव12:42 चन्द्रमा:-वृष17:34तक/मिथुन सुर्योदय:-05:41 सुर्यास्त:-19:20 दिशा शुल.....पश्चिम निवारण उपाय:-घीं का सेवन ऋतु :-ग्रीष्म ऋतु गुलिक काल:-15:00:16:30 राहू काल:-16:30से18:00 अभीजित....12:06से12:54 विक्रम सम्वंत .........2077 शक सम्वंत ............1942 युगाब्द ..................5122 सम्वंत सर नाम:-....प्रमादी 🌞चोघङिया दिन🌞 चंचल:-07:24से09:06तक लाभ:-09:06से10:48तक अमृत:-10:48से12:30तक शुभ:-14:12:से15:54तक 🌓चोघङिया रात🌗 शुभ:-19:20से20:37तक अमृत:-20:37से21:55तक चंचल:-21:55से23:13तक लाभ:-01:49से03:07तक शुभ:-04:25से05:41तक आज के विशेष योग वर्ष का 61वाँ दिन, चंद्रदर्शन, मु.30, उत्तर श्रृंगोन्नति, (विवाह मुहूर्त्त मृगशिर में), अद्भुत ग्रह दर्शन सायंकाल में चंद्रमा के नीचे शुक्र द्दश्य, ग्रहयुति संयोग चंद्रमा से 2° उत्तर में शुक्र 09:00 बजे, ग्रहयुति संयोग चंद्रमा से 3° उत्तर में बुध 16:50 बजे, 🏡वास्तु टिप्स🏡 वास्तुदोष निवारण का अतिसुगम उपाय यह है कि घर में श्रीरामचरितमानस के नौ पाठ अखंड रूप से करवाएं।

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📜 ««« *आज का पञ्चांग* »»»📜

कलियुगाब्द...........................5122 विक्रम संवत्..........................2077 शक संवत्.............................1942 मास.......................................ज्येष्ठ पक्ष......................................शुक्ल तिथी................................प्रतिपदा रात्रि 12.15 पर्यंत पश्चात द्वितीया रवि..................................उत्तरायण सूर्योदय............प्रातः 05.43.05 पर सूर्यास्त............संध्या 07.04.20 पर सूर्य राशि...............................वृषभ चन्द्र राशि..............................वृषभ गुरु राशी...............................मकर नक्षत्र.................................रोहिणी दुसरे दिन प्रातः 04.49 पर्यंत पश्चात मृगशीर्ष योग...................................अतिगंड प्रातः 06.31 पर्यंत पश्चात सुकर्मा करण................................किस्तुघ्न प्रातः 11.44 पर्यंत पश्चात बव ऋतु......................................ग्रीष्म दिन...................................शनिवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 23 मई सन 2020 ईस्वी । ☸ शुभ अंक..........................2 🔯 शुभ रंग.........................नीला ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 11.57 से 12.49 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* प्रात: 09.05 से 10.44 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -* *वृषभ* 05:15:55 07:14:16 *मिथुन* 07:14:16 09:27:56 *कर्क* 09:27:56 11:44:07 *सिंह* 11:44:07 13:55:56 *कन्या* 13:55:56 16:06:35 *तुला* 16:06:35 18:21:12 *वृश्चिक* 18:21:12 20:37:23 *धनु* 20:37:23 22:43:01 *मकर* 22:43:01 24:30:10 *कुम्भ* 24:30:10 26:03:43 *मीन* 26:03:43 27:34:56 *मेष*

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🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓

🌻शुक्रवार, २२ मई २०२०🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:२८ सूर्यास्त: 🌅 ०७:११ चन्द्रोदय: 🌝 ❌❌❌ चन्द्रास्त: 🌜१८:५० अयन 🌕 उत्तरायणे (दक्षिणगोलीय) ऋतु: 🍂 ग्रीष्म शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 ज्येष्ठ पक्ष 👉 कृष्ण तिथि: 👉 अमावस्या (२३:०८ तक) नक्षत्र: 👉 कृत्तिका (२७:०९ तक) योग: 👉 शोभन (०६:२७ तक) प्रथम करण: 👉 चतुष्पाद (१०:२४ तक) द्वितीय करण: 👉 नाग (२३:०८ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 वृष चंद्र 🌟 वृष (०७:३६ से) मंगल 🌟 कुंम्भ (उदित, पूर्व) बुध 🌟 वृष (उदय, पश्चिम) गुरु 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 वृष (उदित, पश्चिम, वक्री) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:४६ से १२:४१ अमृत काल: 👉 २४:३३ से २६:१७ होमाहुति: 👉 सूर्य अग्निवास: 👉 आकाश (२३:०८ से पृथ्वी) दिशा शूल: 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल: 👉 पश्चिम (२७:०९ से) चन्द्र वास: 👉 पूर्व (दक्षिण ०७:३७ से) दुर्मुहूर्त: 👉 ०८:०८ से ०९:०२ राहुकाल: 👉 १०:३१ से १२:१४ राहु काल वास: 👉 दक्षिण-पूर्व यमगण्ड: 👉 १५:३९ से १७:२१ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

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जब बुध कुंडली में कमजोर होता है तो निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते हैं

1. त्वचा संबंधित कोई रोग उत्पन्न हो जाए। 2. समय से पहले दांत खराब हो जाए। 3. सूंघने की शक्ति खत्म हो जाए। 4. मित्र से संबंधों का बिगड़ना। 5. बहन, बुआ और मौसी से संबंधों का बिगड़ना। 6. नौकरी या व्यापार में नुकसान होना। 7. झूठे इल्जाम लगने लगे। 8. गुप्त रोग हो जाए। 9. नाखून और बाल कमजोर हो जाए। 10. व्यक्ति की बोलने की शक्ति कमजोर हो बुध के कुछ उपाय जो आप कर सकते हैं- 1.अपने हाथ से गाय को हरा चारा, हरा साग खिलाएं। 2. उड़द की दाल का सेवन करें व दान करें। 3. बालिकाओं को भोजन कराएं। 4. किन्नरों को हरी साड़ी, सुहाग सामग्री दान देने से लाभ मिलेगा। 5. ॐ बुं बुधाय नमः का 108 बार नित्य जाप करें अथवा श्रीगणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

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🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.......................5122 विक्रम संवत्......................2077 शक संवत्.........................1942 मास..................................ज्येष्ठ पक्ष..................................कृष्ण तिथी..............................चतुर्दशी रात्रि 09.34 पर्यंत पश्चात अमावस्या रवि..............................उत्तरायण सूर्योदय...........प्रातः 05.44.10 पर सूर्यास्त........ ..संध्या 07.03.11 पर सूर्य राशि............................वृषभ चन्द्र राशि.............................मेष नक्षत्र................................भरणी रात्रि 01.01 पर्यंत पश्चात कृत्तिका योग...............................सौभाग्य प्रातः 05.50 पर्यंत पश्चात शोभन करण........................... ....विष्टि प्रातः 08.41 पर्यंत पश्चात शकुन ऋतु..................................ग्रीष्म *दिन.............................गुरुवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *२१ मई सन २०२० ईस्वी ।* ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* प्रातः 11.57 से 12.49 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोपहर 02.02 से 03.41 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *वृषभ* 05:24:25 07:22:08 *मिथुन* 07:22:08 09:35:49 *कर्क* 09:35:49 11:52:00 *सिंह* 11:52:00 14:03:49 *कन्या* 14:03:49 16:14:28 *तुला* 16:14:28 18:29:05 *वृश्चिक* 18:29:05 20:45:16 *धनु* 20:45:16 22:50:54 *मकर* 22:50:54 24:38:03 *कुम्भ* 24:38:03 26:11:36 *मीन* 26:11:36 27:42:48 *मेष* 27:42:48 29:24:25 🚦 *दिशाशूल :-* दक्षिणदिशा - यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

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.🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द........................5122 विक्रम संवत्.......................2077 शक संवत्..........................1942 रवि..............................उत्तरायण मास..................................ज्येष्ठ पक्ष...................................कृष्ण तिथी...............................द्वादशी संध्या 05.30 पर्यंत पश्चात त्रयोदशी सूर्योदय..........प्रातः 05.44.37 पर सूर्यास्त..........संध्या 07.02.16 पर सूर्य राशि...........................वृषभ चन्द्र राशि............................मीन नक्षत्र................................रेवती प्रातः 05.19 पर्यंत पश्चात अश्विनी योग...........................आयुष्मान दुसरे दिन प्रातः 05.19 पर्यंत पश्चात सौभाग्य करण..............................तैतिल संध्या 05.30 पर्यंत पश्चात गरज ऋतु................................ग्रीष्म *दिन........................मंगलवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *१९ मई सन २०२० ईस्वी |* ☸ शुभ अंक....................1 🔯 शुभ रंग...................सफ़ेद ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 11.56 से 12.49 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोप 03.40 से 05.19 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *वृषभ* 05:32:44 07:30:01 *मिथुन* 07:30:01 09:43:42 *कर्क* 09:43:42 11:59:53 *सिंह* 11:59:53 14:11:42 *कन्या* 14:11:42 16:22:21 *तुला* 16:22:21 18:36:58 *वृश्चिक* 18:36:58 20:53:09 *धनु* 20:53:09 22:58:47 *मकर* 22:58:47 24:45:56 *कुम्भ* 24:45:56 26:19:29 *मीन* 26:19:29 27:50:40 *मेष* 27:50:40 29:3

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🚩 🌞 *सुप्रभातम्*🌞 🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.......................5122 विक्रम संवत्.......................2077 शक संवत्.........................1942 रवि..............................उत्तरायण मास.................................ज्येष्ठ पक्ष..................................कृष्ण तिथी............................एकादशी दोप 03.08 पर्यंत पश्चात द्वादशी सूर्योदय..........प्रातः 05.45.24 पर सूर्यास्त..........संध्या 07.01.55 पर सूर्य राशि...........................वृषभ चन्द्र राशि............................मीन नक्षत्र......................उत्तराभाद्रपद दोप 04.47 पर्यंत पश्चात रेवती योग.................................प्रीती दुसरे दिन प्रातः 04.28 पर्यंत पश्चात आयुष्मान करण..............................बालव दोप 03.08 पर्यंत पश्चात कौलव ऋतु................................ग्रीष्म *दिन.........................सोमवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *१८ मई सन २०२० ईस्वी ।* ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* प्रातः 11.56 से 12.49 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* प्रात: 07.27 से 09.06 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *वृषभ* 05:36:41 07:33:58 *मिथुन* 07:33:58 09:47:39 *कर्क* 09:47:39 12:03:49 *सिंह* 12:03:49 14:15:38 *कन्या* 14:15:38 16:26:18 *तुला* 16:26:18 18:40:55 *वृश्चिक* 18:40:55 20:57:05 *धनु* 20:57:05 23:02:44 *मकर* 23:02:44 24:49:53 *कुम्भ* 24:49:53 26:23:26 *मीन* 26:23:26 27:54:35 *मेष* 27:54:35 29:36:41 🚦 *दिशाशूल :-* पूर्व दिशा- यदि आवश्यक हो तो दर्पण देखकर यात्रा प्रारंभ करें ।

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:       *🙏श्री गणेशाय नम:

✡️✡️✡️ *दैनिक पंचांगम्* ✡️✡️✡️ www.trinetrasiddhikendra.com *दि -: 17/05/2020,रविवार* दशमी, कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ """""""""”"""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि ----------दशमी 12:41:42 ,तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र --------पू०भा० 13:57:27 योग ---------विश्कुम्भ 27:30:37 करण ------विष्टि भद्र 12:41:42 करण ------------भाव 25:54:38 वार --------------------------रविवार माह --------------------------- ज्येष्ठ चन्द्र राशि ------कुम्भ 07:13:10 चन्द्र राशि ---------------------मीन सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक) ----2076 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय ----------------05:12:29 सूर्यास्त -----------------06:50:03 दिन काल --------------13:30:34 रात्री काल -------------10:28:55 चंद्रास्त -----------------14:25:02 चंद्रोदय -----------------27:04:25 लग्न ----वृषभ 2°25' , 32°25' सूर्य नक्षत्र -----------------कृत्तिका चन्द्र नक्षत्र -----------पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र पाया ---------------------ताम्र *पद, चरण* दा ----पूर्वाभाद्रपदा 07:13:10 दी ----पूर्वाभाद्रपदा 13:57:27 दू ----उत्तराभाद्रपदा 20:42:08 थ ----उत्तराभाद्रपदा 27:27:01 *ग्रह गोचर*

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