#कोरोना वायरस व ग्रहों की चाल।
#कोरोना वायरस व ग्रहों की चाल। #क्या है इसके वैदिक उपाय ।
#गोचर में जब गुरु ,शनि ग्रह, विशेष रूप से किसी बड़े ग्रहण के समय, पीड़ा में हों तब महामारी से आम जनता को कष्ट पहुंचता है।
#वर्ष 2002-2003 में फैली सार्स महामारी के समय गोचर में शनि राहु से युत थे ।
#2009 में फैले स्वाइन फ्लू के समय राहु और गुरु की युति थी।
#धनु राशि में पड़े ग्रहण के बाद चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने अब वैश्विक महामारी का रूप ले लिया है। #ग्रहण के समय से लेकर अब तक जीव कारक ग्रह गुरु केतु के साथ धनु राशि में युति कर रहे हैं।
#7 फरवरी से मंगल ने भी धनु राशि में डेरा जमा रखा है जिसके कारण कोरोना वायरस का प्रकोप दुनिया के 120 से अधिक देशों में बना हुआ है।
#इस वैश्विक महामारी से तकरीबन 5000 लोग प्राण गवां चुके हैं।
#22 मार्च की रात मंगल धनु राशि में केतु से आजाद होकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
#इसके कुछ दिन बाद ही 30 मार्च को गुरु भी केतु का साथ छोड़कर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
#इन दोनों बड़े ग्रहों का केतु की युति से मुक्त होकर मकर राशि में चले आना कोरोना वायरस के प्रकोप को कुछ कम करेगा।
#भारत के लिए स्थिति विशेषरूप से राहत देने वाली होगी
#लेकिन यूरोप, चीन और अमेरिका में कोरोना का असर केतु के आगामी सितंबर महीने में धनु राशि में गोचर करने तक बना रह सकता है।
#कोरोना वायरस से बचाएंगे ये उपाय-
#सरकार द्वारा जारी मेडिकल एडवाइजरी का पालन जरूर कीजिये ।
#ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। ठंडे पानी को एवॉइड करें, गर्म या गुनगुने पानी का सेवन करें।
#महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें-
'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।'
#प्रतिदि