*ग्रह कैसे खराब फल देते हैं*
हमारी मुश्किलों के हल निकलते नहीं, क्योंकि माँ के चरण स्पर्श कर घर से निकलते नहीं..... *चन्द्र खराब*
काम हमारे बनते नहीं, क्योंकि पिता की बात हम कभी सुनते नहीं..... *सूर्य खराब*
यार दोस्त भी काम आता नहीं, सगा भाई हमें फूटी आँख भाता नहीं..... *मंगल खराब*
व्यापार में सदा ही होता है घाटा, क्योंकि बुआ बहन से हम रखते नहीं कोई नाता..... *बुध खराब*
समाज सोसायटी में हमारी कोई मान मर्यादा नहीं, क्योंकि घर के बड़े बजुर्गों की इज्जत करना हमें आता नहीं..... *गुरु खराब*
बरकत हमारे घर में आती नहीं, पराई नार पर नजर रखते हैं, पत्नी हमें सुहाती नहीं..... *शुक्र खराब*
मौके पर आकर सब काम बिगड़ जाते हैं, गरीबों का हक हम अक्सर खा जाते हैं..... *शनि खराब*
बुरे समय में जब घर में अक्सर झगड़े होने लगते है, अपनों से ज्यादा हमें पराये अच्छे लगते है..... *राहू खराब*
दूसरों की सफलता से हम जलते हैं और भगवान को कोसते हुए अपने हाथ मलते है..... *केतु खराब*