ज्योतिष के कोने से----
ज्योतिष में राहु नाना को सूचित करता है, ज्योतिष में केतु दादा को सूचित करता है! ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार राहु- केतु जिस ग्रह के साथ होते हैं या जिस ग्रह द्वारा देखे जाते हैं या जिस राशि में स्थित होते हैं उनके स्वामी द्वारा सूचित फलों को देते हैं। या यह कहा जाये उनके स्वामी के गुण गाते हैं। अत: यह निष्कर्ष निकलता है कि राहु --केतु के शुभ फल प्राप्त करने के लिए नाना -- दादा से प्यार ज्योतिष के कोने से---- ज्योतिष में राहु नाना को सूचित करता है, ज्योतिष में केतु दादा को सूचित करता है!
ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार राहु- केतु जिस ग्रह के साथ होते हैं या जिस ग्रह द्वारा देखे जाते हैं या जिस राशि में स्थित होते हैं उनके स्वामी द्वारा सूचित फलों को देते हैं। या यह कहा जाये उनके स्वामी के गुण गाते हैं।
अत: यह निष्कर्ष निकलता है कि राहु --केतु के शुभ फल प्राप्त करने के लिए नाना -- दादा से प्यार करें, उनको सम्मान दें, उनकी सेवा करें! या यह कहा जाये नाना--दादा की सेवा करने से राहु--केतु अपने अशुभ स्वभाव को छोड़कर शुभ फल देने लगते हैं!!
!! जय श्रीकृष्णकरें, उनको सम्मान दें, उनकी सेवा करें! या यह कहा जाये नाना--दादा की सेवा करने से