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Astrologer Rajeev patel

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🎁 *EFFECTIVE TOTKAS*🎁

📚 *असर कारक टोटके* 📚 *Work related* 💻📊 ```If any of your task is stuck and in spite of your best efforts, you are unable to complete it, you can do this--- simply donate a bowl of basmati rice on a Wednesday to a needy person. Doing so will do your job.``` *कार्य संबंधी* 💻📊 ```यदि आपका कोई कार्य अटका हुआ है और आपके सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, आप इसे पूरा करने में असमर्थ हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं --- बस एक बुधवार को बासमती चावल का एक कटोरा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। ऐसा करने से आपका काम चल जाएगा।``` *Financial Crunch* 💰💵 ```If facing a financial crunch at home, do this --- take some red chandan, some petals of red rose, roli string and Rs 58 and place them on a red cloth. Tie up everything together and keep it in your office locker. Money will start flowing in.``` *आर्थिक तंगी* 💰💵 ```अगर घर में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, तो यह करें --- लाल चंदन, लाल गुलाब की कुछ पंखुड़ियां, रोली स्ट्रिंग और 58 रुपये लें और उन्हें लाल कपड़े पर रखें। सब कुछ एक साथ बांधें और अपने कार्यालय के लॉकर में रखें। पैसा अंदर बहने लगेगा।```

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लाल किताब में करीब 14 हजार नियम कानून हैं।

जिनमे लाल किताब की खास ग्रामर को देखे बिना लाल किताब विशेषज्ञ ना तो कुंडली विवेचना करता है। और ना ही उपाय बताता है। आज आपको लाल किताब के कुछ नियम कानून बता रहा हूँ। जो मित्र अभी जियोतिष सीख रहे हैं उनको मेरी इस पोस्ट से अच्छी जानकारी मिलेगी। इसलिये इस पोस्ट को save कर लें। आज हम बात करेंगे लाल किताब के कुछ खास नियमों की लाल किताब में कुछ खास ग्रहों के किसी खास खाना नंबर में होने होने पर किसी खास ग्रह के प्रभाव को शुभ अशुभ कर देते हैं। कौन सा ग्रह किस खाना किस ग्रह के प्रभाव को शुभाशुभ करता है। आइए समझाने की कोशिश करता हूँ। लाल किताब में फलित को स्पष्ट करने के लिए यह नियम भी बहुत महत्व रखता है। 1- खाना नंबर 1 में केतु बैठकर सूरज के फल उच्च करता है। खाना नंबर 1 में राहु बैठकर सूरज को ग्रहण लगा देता है। (जिस घर मे सूरज बैठा हो उस घर को )राहू जब लग्न में बैठ जाए तो सूरज चाहे किसी भी घर में बैठा हो सूरज ग्रहण होगा। पर अलग तरह का सिर्फ सूरज घर 5 में हो तो बचाव हो जाता है। 2-बुध अगर खाला नंबर 2 में बैठा हो तो बृहस्पति (पिता) बर्बाद होगा चाहे वो किसी भी घर में बैठा हो और अगर बुध खाना नंबर 4 में बैठा हो तो चंदर (माता) बर्बाद होगी चाहे वह किसी भी खाना नंबर में बैठा हो। 3-खाना नंबर 6 में अगर मंगल बैठा हो तो सूरज कुंडली के किसी भी खाना नंबर में बैठा हो हमेशा उच्च का होगा यानी कि मंगल खाना नंबर 6 में बैठ के सूरज को उच्च करेगा और अगर मंगल खाना नंबर 6 में बैठा हो तो केतु को बरबाद करेगा यानी औलाद परेशानी लेकर आएगी।

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*कष्ट निवारण के लिए -670*

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *भर लें अपने भण्डार गृह* जिस स्थान पर होली जलाई जाती रही हो, वहां पर होली जलने से एक दिन पहले की रात्री में एक मटकी में गाय का घी, तिल का तेल, गेहूं और ज्वार तथा एक ताम्बे का पैसा रखकर मटकी का मुंह बंद करके गाड़ आएं। रात्रि में जब होली जल जाए, तब दूसरे दिन सुबह उसे उखाड़ लाएं। फिर इन सब वस्तुओं को पोटली में बांधकर जिस वास्तु में रख दिया जाएगा, वह वास्तु व्यय करने पर भी उसमें निरंतर वृद्धि होती रहेगी, और आपके भंडार भरे हुए रहेंगे। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा! 9898745868

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चौघड़िया व राशिफल सहित*

※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ 15-जून-2020 वार:-सोमवार तिथी:-10दशमी माह:-आषाढ़ पक्ष:-कृष्णपक्ष नक्षत्र:-रेवती27:17 योग:-सौभाग्य12:47 करण:-वणिज16:30 चन्द्रमा:-मीन27:17तक/मेष सुर्योदय:-06:38 सुर्यास्त:-19:30 दिशा शुल.....पूर्व निवारण उपाय:-दूधँ का सेवन ऋतु:-ग्रीष्म-वर्षा ऋतु गुलिक काल:-13:30से 15:00 राहू काल:-07:30से09:00 अभीजित....12:10से12:58 विक्रम सम्वंत .........2077 शक सम्वंत ............1942 युगाब्द ..................5122 सम्वंत सर नाम:-प्रमादी 🌞चोघङिया दिन🌞 अमृत:-06:38से07:22तक शुभ:-09:06से10:50तक चंचल:-14:18से16:02तक लाभ:-16:02से17:46तक अमृत:-17:46से19:30तक 🌓चोघङिया रात🌗 चंचल:-19:30से20:46तक लाभ:-23:18से00:34तक शुभ:-01:50से03:06तक अमृत:-03:06से04:22तक चंचल:-04:22से05:38तक आज के विशेष योग वर्ष का 83वाँ दिन, भद्रा 16:30 से रात 03:17 तक-पृथ्वी लोक-अशुभ-वायव्य, तथा इसके बाद से दि. 16 को 03:17 से 05:41 तक-स्वर्ग लोक-शुभ-वायव्य, मुनि नमीनाथ जयंती (जैन), पंचक 27:17 तक, गंडमूल संपूर्ण दिनरात, 🏡वास्तु टिप्स🏡 फ्लैट में दक्षिण दिशा में द्वार का फल:- फ्लैट के पूषा भाग में द्वार होने से परिवार के व्यक्ति को नौकरी-चाकरी करनी पड़ती है।

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*🙏☾अथ पंचांगम्☽ 🙏*

*दिनाँक : ~* *14/06/2020, रविवार* नवमी, कृष्ण पक्ष (समाप्ति काल) तिथि ---------- नवमी 27:18:46 तक पक्ष ---------------------------कृष्ण नक्षत्र --------उ०भा० 24:20:27 योग -------आयुष्मान 11:50:27 करण -----------तैतुल 14:07:43 करण --------------गर 27:18:46 वार --------------------------रविवार माह --------------------------आषाढ चन्द्र राशि -------------------- मीन सूर्य राशि ------ वृषभ 23:52:22 सूर्य राशि ------------------मिथुन रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक) ----2076 शाका संवत ----------------1942 वृन्दावन सूर्योदय ----------------05:24:44 सूर्यास्त -----------------19:14:31 दिन काल --------------13:49:47 रात्री काल -------------10:10:18 चंद्रास्त -----------------13:08:52 चंद्रोदय ---------------25:35:26 लग्न ----वृषभ 29°16' , 59°16' सूर्य नक्षत्र ----------------मृगशिरा चन्द्र नक्षत्र ---------उत्तराभाद्रपदा नक्षर पाया ---------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* थ ----उत्तराभाद्रपदा 10:52:27 झ ----उत्तराभाद्रपदा 17:36:18 ञ ----उत्तराभाद्रपदा 24:20:27 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य=वृषभ 29°22 ' मृगशिरा, 2 वो चन्द्र = मीन 07°23 ' उoभा o' 2 थ बुध = मिथुन 19°10 ' आर्द्रा ' 4 छ शुक्र= वृषभ 13°55, रोहिणी ' 2 वा मंगल=कुम्भ 27°30' पू o भा o ' 3 दा

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🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜 कलियुगाब्द.........................5122 विक्रम संवत्........................2077 शक संवत्...........................1942 मास.................................आषाढ़ पक्ष....................................कृष्ण तिथी.................................अष्टमी रात्रि 01.00 पर्यंत पश्चात नवमी रवि...............................उत्तरायण सूर्योदय............प्रातः 05.41.00 पर सूर्यास्त............संध्या 07.12.54 पर सूर्य राशि.............................वृषभ चन्द्र राशि............................कुम्भ गुरु राशी.............................मकर नक्षत्र..........................पूर्वाभाद्रपद रात्रि 09.18 पर्यंत पश्चात उत्तराभाद्रपद योग....................................प्रीती प्रातः 11.01 पर्यंत पश्चात आयुष्मान करण.................................बालव प्रातः 11.55 पर्यंत पश्चात कौलव ऋतु....................................ग्रीष्म *दिन.............................शनिवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *१३ जून सन २०२० ईस्वी ।* ☸ शुभ अंक...........................3 🔯 शुभ रंग.........................नीला ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 12.00 से 12.53 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* प्रात: 09.06 से 10.46 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -* *वृषभ* 03:52:51 05:51:47 *मिथुन* 05:51:47 08:05:09 *कर्क* 08:05:09 10:21:19 *सिंह* 10:21:19 12:33:08 *कन्या* 12:33:08 14:43:47 *तुला* 14:43:47 16:58:25 *वृश्चिक* 16:58:25 19:14:35 *धनु* 19:14:35 21:20:14 *मकर* 21:20:14 23:07:22 *कुम्भ* 23:07:22 24:40:56 *मीन* 24:40:56

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भोजन सम्बन्धी कुछ नियम ...

१ - पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे ! २. गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है ! ३. प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है ! ४. पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए ! ५. दक्षिण दिशा की ओर किया हुआ भोजन प्रेत को प्राप्त होता है ! ६ . पश्चिम दिशा की ओर किया हुआ भोजन खाने से रोग की वृद्धि होती है ! ७. शैय्या पर , हाथ पर रख कर , टूटे फूटे वर्तनो में भोजन नहीं करना चाहिए ! ८. मल मूत्र का वेग होने पर , कलह के माहौल में , अधिक शोर में , पीपल , वट वृक्ष के नीचे , भोजन नहीं करना चाहिए ! ९ परोसे हुए भोजन की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए ! १०. खाने से पूर्व अन्न देवता , अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर के , उनका धन्यवाद देते हुए , तथा सभी भूखो को भोजन प्राप्त हो इस्वर से ऐसी प्राथना करके भोजन करना चाहिए ! ११. भोजन बनने वाला स्नान करके ही शुद्ध मन से , मंत्र जप करते हुए ही रसोई में भोजन बनाये और सबसे पहले ३ रोटिया अलग निकाल कर ( गाय , कुत्ता , और कौवे हेतु ) फिर अग्नि देव का भोग लगा कर ही घर वालो को खिलाये ! १२. इर्षा , भय , क्रोध , लोभ , रोग , दीन भाव , द्वेष भाव , के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है ! भोजन सम्बन्धी कुछ नियम १३. आधा खाया हुआ फल , मिठाईया आदि पुनः नहीं खानी चाहिए ! १४. खाना छोड़ कर उठ जाने पर दुबारा भोजन नहीं करना चाहिए ! १५. भोजन के समय मौन रहे ! १६. भोजन को बहुत चबा चबा कर खाए ! १७. रात्री में भरपेट न खाए ! १८. गृहस्थ को ३२ ग्रास से ज्यादा न खाना चाहिए ! १९. सबसे पहले मीठा , फिर नमकीन ,अंत में कडुवा खाना चाहिए ! २०. सबसे पहले रस दार , बीच में गरिस्थ , अंत में द्राव्य पदार्थ ग्रहण

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🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜 कलियुगाब्द.........................5122 विक्रम संवत्........................2077 शक संवत्...........................1942 मास.................................आषाढ़ पक्ष....................................कृष्ण तिथी.................................अष्टमी रात्रि 01.00 पर्यंत पश्चात नवमी रवि...............................उत्तरायण सूर्योदय............प्रातः 05.41.00 पर सूर्यास्त............संध्या 07.12.54 पर सूर्य राशि.............................वृषभ चन्द्र राशि............................कुम्भ गुरु राशी.............................मकर नक्षत्र..........................पूर्वाभाद्रपद रात्रि 09.18 पर्यंत पश्चात उत्तराभाद्रपद योग....................................प्रीती प्रातः 11.01 पर्यंत पश्चात आयुष्मान करण.................................बालव प्रातः 11.55 पर्यंत पश्चात कौलव ऋतु....................................ग्रीष्म *दिन.............................शनिवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *१३ जून सन २०२० ईस्वी ।* ☸ शुभ अंक...........................3 🔯 शुभ रंग.........................नीला ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 12.00 से 12.53 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* प्रात: 09.06 से 10.46 तक । 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -* *वृषभ* 03:52:51 05:51:47 *मिथुन* 05:51:47 08:05:09 *कर्क* 08:05:09 10:21:19 *सिंह* 10:21:19 12:33:08 *कन्या* 12:33:08 14:43:47 *तुला* 14:43:47 16:58:25 *वृश्चिक* 16:58:25 19:14:35 *धनु* 19:14:35 21:20:14 *मकर* 21:20:14 23:07:22 *कुम्भ* 23:07:22 24:40:56 *मीन* 24:40:56

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*RAINBOW & BUTTERFLY*

*FOR COMPLETING A TASK FULFILLING YOUR WISH* *MANTRA - OM GLAUM NAMAH* _*CHANT THIS FOR 1,25000 TIMES IF YOU HAVE TRIED MANY REMEDIES & NEVER GOT THE RESULTS.*_ 🌈🦜🦋📚💐📚🦋🦜🌈 *अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए या किसी बडे कार्य को पूरा करने के लिए* *मन्त्र - ॐ ग्लौं नमः* _*१,२५००० बार इस मंत्र का जाप करें, यदि आप बहुत सारे प्रयास और उपाय कर चुके हैं और परिणाम नहीं मिल रहे हैं।*_

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🌈 *RAINBOW & 🦜BUTTERFLY*🦋

*Tortoise 🐢 Ring Brings Good Luck 💫 & Prosperity: Benefits✨ of Tortoise Ring, How To Wear Tortoise 💍Ring* *कछुए‌की 🐢अंगूठी (मेरु) लाता है सौभाग्य 💫और समृद्धि: कछुए की अंगूठी के ✨लाभ, कछुए की अंगूठी 💍कैसे पहनें* *Benefits of Tortoise Rings?* ```A tortoise ring works to calm a person's past life mistakes, along with bringing prosperity and success a tortoise rings also helps in increasing self confidence. According to the Vedas and scriptures tortoise is considered to be the symbol of love positivity and progress. Tortoise is considered to be an incarnation of Lord Vishnu, thus it is considered to be very close to Goddess Laxmi. Tortoise rings are said to bring wealth and good luck to the wearer.``` *कछुए के अंगूठी के लाभ?* ```एक कछुए के अंगूठी एक व्यक्ति की पिछली जीवन की गलतियों को शांत करने के लिए काम करती है, समृद्धि लाने के साथ-साथ एक कछुए की अंगूठी की सफलता भी आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है। वेदों और शास्त्रों के अनुसार कछुआ प्रेम की सकारात्मकता और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। कछुआ भगवान विष्णु का एक अवतार माना जाता है, इस प्रकार यह देवी लक्ष्मी के बहुत करीब माना जाता है। कहा जाता है कि कछुए के छल्ले पहनने वाले के लिए धन और सौभाग्य लाते हैं।``` ▪️ Wear it on Thursday ▪️ गुरुवार को पहने ▪️ It can be of silver, gold or pancha dhatu (five metals) ▪️ वो चांदी, सोना या पंचधातु की हो सकती है । ▪️Face of tortoise should be looking towards (looking you) you while wearing. ▪️पहने उस तरह कि कछुए का मूह आपकी तरफ हो, आपको देखे। 9898745868

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*कष्ट निवारण के लिए

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *धन का न रूकना* किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार के दिन 1 तांबे का सिक्का, 6 लाल गुंजा लाल कपड़े में बांधकर प्रात: 11 बजे से लेकर 1 बजे के बीच में किसी सुनसान जगह में अपने ऊपर से 11 बार उसार कर 11 इंच गहरा गड्ढा खोदकर अभिमंत्रित कर उसमें दबा दें। ऐसा 11 बुधवार करें। दबाने वाली जगह हमेशा नई होनी चाहिए। इस प्रयोग से कारोबार में बरकत होगी, घर में धन रूकेगा। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा! 9898745868

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कुंडली के बारे में जानते-पढ़ते समय नवमांश कुंडली का जिक्र आप लोगों ने कई बार सुना होगा। मन में ये…

कुंडली के बारे में जानते-पढ़ते समय नवमांश कुंडली का जिक्र आप लोगों ने कई बार सुना होगा। मन में ये प्रश्न अवश्य आया होगा कि ये नवमांश कुंडली आखिर है क्या ? कई जिज्ञासु पाठक व कई मित्र जो ज्योतिष में रूचि रखते हैं वे कई बार आग्रह कर चुके हैं कि आप नवमांश कुंडली पर भी कुछ कहें। क्या होती है ?कैसे बनती है आदि। सामान्यतः आप सभी को ज्ञात है कि कुंडली में नवें भाव को भाग्य का भाव कहा गया है। यानि आपका भाग्य नवां भाव है। इसी प्रकार भाग्य का भी भाग्य देखा जाता है ,जिसके लिए नवमांश कुंडली की आवश्यकता होती है। जागरूक ज्योतिषी कुंडली सम्बन्धी किसी भी कथन से पहले एक तिरछी दृष्टि नवमांश पर भी अवश्य डाल चुका होता है।बिना नवमांश का अध्य्यन किये बिना भविष्यकथन में चूक की संभावनाएं अधिक होती हैं। ग्रह का बलाबल व उसके फलित होने की संभावनाएं नवमांश से ही ज्ञात होती हैं। लग्न कुंडली में बलवान ग्रह यदि नवमांश कुंडली में कमजोर हो जाता है तो उसके द्वारा दिए जाने वाले लाभ में संशय हो जाता है। इसी प्रकार लग्न कुंडली में कमजोर दिख रहा ग्रह यदि नवमांश में बली हो रहा है तो भविष्य में उस ओर से बेफिक्र रहा जा सकता है ,क्योंकि बहुत हद तक वो स्वयं कवर कर ही लेता है। अतः भविष्यकथन में नवमांश आवश्यक हो जाता है। नवमांश कुंडली निर्माण विधि 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 नवमांश कुंडली का निर्माण कैसे होता है व नवमांश में ग्रहों को कैसे रखा जाता है। हम जानते हैं कि एक राशि अथवा एक भाव ३० डिग्री का विस्तार लिए हुए होता है। अतः एक राशि का नवमांश अर्थात ३० का नवां हिस्सा यानी ३.२ डिग्री।

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