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*कष्ट निवारण के लिए

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *घाटा दूर करने का उपाय* व्यापार में घाटा हो रहा हो या काम नहीं चल पा रहा हो, तो आप एक चुटकी आटा लेकर रविवार के दिन व्यापार स्थल या अपनी दुकान के मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा-थोड़ा छिड़क दें, साथ में कहें- जिसकी नजर लगी है उसको लग जाये। बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला। यह क्रिया शुक्ल पक्ष में ही करें। संभव हो तो प्रयत्न करें कि इस क्रिया को करते हुए आपको कोई न देखे। गुप्त रूप से यह क्रिया करने पर व्यापार का घाटा दूर होने लगता है। इसके अलावा व्यापार स्थल में मकडिय़ों के जाले व्यापार की वृद्धि को रोकते हैं। अत: व्यापार में बरकत के लिए प्रत्येक शनिवार को दुकान की सफाई आदि करते समय मकड़ी के जालों को अवश्य हटा देना चाहिए। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा! क्रमश:.... कुंडली परीक्षण कराएं असली रुद्राक्ष/रत्नादि अभिमंत्रित करा कर,प्राप्त कर सकते हैं

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*गुरुदेव :* मंत्र को गुप्त रूप से फुसफुसा कर क्यों दिया जाता है ? यदि मंत्र खुले तरीके से दिया जा…

*गुरुदेव :* मंत्र को गुप्त रूप से फुसफुसा कर क्यों दिया जाता है ? यदि मंत्र खुले तरीके से दिया जाय तो क्या मंत्र की शक्ति कम हो जाती है ? पता है मनोवैज्ञानिक क्या कहते हैं ? यदि आप के मस्तिष्क में कोई ऐसी बात है जो आपको परेशान कर रही है तो उसे कह डालें । उसे आप कह कर बाहर निकाल दें तब आप उससे मुक्त हो जाएंगे । हमें मंत्र को अपने अन्दर रखना है । उसे सबके सामने व्यक्त नहीं करना है । हमें उस मंत्र को अपने अन्दर स्थापित करके मन की गहराई में ले जाना है । अतः मंत्र को और गहराई में ले जाने के लिए ऐसे मंत्र की आवश्यकता होती है जो गुप्त हो । जिसे आप व्यक्त नहीं करना चाहते । इसलिए गुप्त तरीके से मंत्र दिया जाता है । गुप्त रूप से बताई बात आपकी अन्तरविवेक शीलता में रहती है। अतः मंत्र हमें अन्तरविवेकशीलता तक पहुँचाता है। इसलिए इसे गुप्त रूप से देने की आवश्यकता है। जो मंत्र दिया जाता है शायद वह एक ज्ञात मंत्र ही हो किन्तु जो मंत्र आपको दिया गया है उसे गुप्त रखें जिससे आप ध्यान की गहराई तक पहुँच सकें। यह बहुत वैज्ञानिक सत्य है, यह विचार पुरातन और वैज्ञानिक भी है। कुछ महामंत्र होते हैं जिनका सब लोग जोर से बोल कर उच्चारण कर सकते हैं । किन्तु व्यक्तिगत मंत्र को गुप्त रखना चाहिए। वही सहज मंत्र आपको " सहज समाधि ध्यान " कोर्स में दिया जाता है। उसे आपको अपने तक ही सीमित रखना होता है। उसे किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं बताना होता। दूसरे मंत्र जैसे " ऊँ नमः शिवाय " और ओम का उच्चारण सबके साथ ऊँची आवाज में कर सकते हैं । उन मन्त्रों को जोर से सामुहिक रूप से बोलने से उनकी तरंगें सारे वातावरण को शुद्ध करती हैं । जयगुरूदे 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

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*दिनाँक -: 08/06/2020,सोमवार*

तृतीया, कृष्ण पक्ष आषाढ """"""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि ---------तृतीया 19:55:46 तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र -------पूर्वाषाढा 13:44:04 योग -------------शुक्ल 12:50:57 करण ---------वणिज 08:20:24 करण ------विष्टि भद्र 19:55:46 वार -------------------------सोमवार माह ------------------------- आषाढ चन्द्र राशि -------धनु 19:43:54 चन्द्र राशि -------------------मकर सूर्य राशि -------------------वृषभ रितु ----------------------------ग्रीष्म आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक)------2076 शाका संवत ----------------1942 वृन्दावन सूर्योदय -----------------05:24:33 सूर्यास्त -----------------19:12:18 दिन काल -------------13:47:44 रात्री काल -------------10:12:13 चंद्रास्त ----------------07:33:58 चंद्रोदय -----------------21:52:18 लग्न ----वृषभ 23°32' , 53°32' सूर्य नक्षत्र -----------------मृगशिरा चन्द्र नक्षत्र ----------------पूर्वाषाढा नक्षत्र पाया ---------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* फा ----पूर्वाषाढा 07:46:48 ढा ----पूर्वाषाढा 13:44:04 भे ----उत्तराषाढा 19:43:54 भो ----उत्तराषाढा 25:46:19 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य=वृषभ 23°22 ' मृगशिरा, 1 वे चन्द्र = धनु 22°23 ' पूर्वाषाढ़ा ' 3 फा बुध = मिथुन 16°10 ' आर्द्रा ' 4 छ शुक्र= वृषभ 16°55,

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*कष्ट निवारण के लिए -

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *व्यवसायिक परेशानी का निवारण* दीवाली के दिन नित्यकर्म से निवृत होकर स्नानोपरांत अपने पूजा स्थान में लक्ष्मी बीसा यंत्र एवं कुबेर यंत्र की श्रद्धापर्वक स्थापना करने के उपरांत धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प और अक्षत से पंचोपचार पूजन करें। तत्पश्चात शुद्ध आसन बिछाकर स्फटिक की माला पर 11 माला इस ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्यादि पताये धन धान्य समृद्धि में देही दापय दापय स्वाहा मंत्र की जाप करें। संपूर्ण व्यावसायिक परेशानियों का निवारण होगा। हर रोज इस मंत्र की सुबह-शाम एक माला जाप करने से अवश्य धन में वृद्धि होगी। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा! क्रमश:.... कुंडली परीक्षण कराएं असली रुद्राक्ष/रत्नादि अभिमंत्रित करा कर,प्राप्त कर सकते हैं

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🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓*

*🌻रविवार, ७ जून २०२०🌻* *सूर्योदय: 🌄 ०५:४२* *सूर्यास्त: 🌅 ०७:१०* *चन्द्रोदय: 🌝 २०:५५* *चन्द्रास्त: 🌜०६:५४* *अयन 🌕 उत्तरायणे (उत्तरगोलीय)* *ऋतु: 🍂 ग्रीष्म* *शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी)* *मास 👉 आषाढ़(महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार ज्येष्ठ)* *पक्ष 👉 कृष्ण* *तिथि: 👉 द्वितीया (२०:५५ तक)* *नक्षत्र: 👉 मूल (१४:१० तक)* *योग: 👉 शुभ (१४:५० तक)* *प्रथम करण: 👉 तैतिल (०९:३९ तक)* *द्वितीय करण: 👉 गर (२०:५५ तक)* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ *॥ गोचर ग्रहा: ॥* 🌖🌗🌖🌗 *सूर्य 🌟 वृष* *चंद्र 🌟 धनु* *मंगल 🌟 कुंम्भ (उदित, पूर्व)* *बुध 🌟 मिथुन (उदय, पश्चिम)* *गुरु 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, वक्री)* *शुक्र 🌟 वृष (उदित, पश्चिम, वक्री)* *शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री)* *राहु 🌟 मिथुन* *केतु 🌟 धनु* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 *अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५९ से १२:५३* *अमृत काल: 👉 ०८:०३ से ०९:३५* *होमाहुति: 👉 मंगल* *अग्निवास: 👉 पृथ्वी* *दिशा शूल: 👉 पश्चिम* *नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌* *चन्द्र वास: 👉 पूर्व* *दुर्मुहूर्त: 👉 १७:२१ से १८:१७* *राहुकाल: 👉 १७:२९ से १९:१०* *राहु काल वास: 👉 उत्तर* *यमगण्ड: 👉 १२:१६ से १४:०७* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *☄चौघड़िया विचार☄* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *॥ दिन का चौघड़िया ॥* १ - काल २ - शुभ ३ - रोग ४ - उद्वेग ५ - चर ६ - लाभ ७ - अमृत ८ - काल *॥रात्रि का चौघड़िया॥* १ - लाभ २ - उद्वेग ३ - शुभ ४ - अमृत ५ - चर ६ - रोग ७ - काल ८ - लाभ *नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।

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07-जून-2020

वार:-रविवार तिथी:-02द्वितीया20:55 पक्ष:-कृष्णपक्ष माह:-आषाढ़ नक्षत्र:-मूल14:10 योग:-शुभ14:50 करण:-तैतिल09:40 चन्द्रमा:-धनु सुर्योदय:-05:38 सुर्यास्त:-19:27 दिशा शुल.....पश्चिम निवारण उपाय:-घीं का सेवन ऋतु :-ग्रीष्म-वर्षा ऋतु गुलिक काल:-15:00:16:30 राहू काल:-16:30से18:00 अभीजित....12:08से12:56 विक्रम सम्वंत .........2077 शक सम्वंत ............1942 युगाब्द ..................5122 सम्वंत सर नाम:-....प्रमादी 🌞चोघङिया दिन🌞 चंचल:-07:22से09:06तक लाभ:-09:06से10:50तक अमृत:-10:50से12:34तक शुभ:-14:18से16:02तक 🌗चोघङिया रात🌓 शुभ:-19:27से20:42तक अमृत:-20:42से21:58तक चंचल:-21:58से23:14तक लाभ:-01:46से03:02तक शुभ:-04:18से05:38तक आज के विशेष योग वर्ष का 75वाँ दिन, गंडमूल 14:11 तक, सिद्धियोग सुर्योदय से14:10, राजयोग14:10 से सूर्योदय, 🏡वास्तु टिप्स🏡 फ्लैट में पूर्व दिशा में द्वार का फल:- फ्लैट के पर्यान्त भाग में द्वार होने से परिवार में कन्या रत्न की वृद्धि होती है।

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07-जून-2020

वार:-रविवार तिथी:-02द्वितीया20:55 पक्ष:-कृष्णपक्ष माह:-आषाढ़ नक्षत्र:-मूल14:10 योग:-शुभ14:50 करण:-तैतिल09:40 चन्द्रमा:-धनु सुर्योदय:-05:38 सुर्यास्त:-19:27 दिशा शुल.....पश्चिम निवारण उपाय:-घीं का सेवन ऋतु :-ग्रीष्म-वर्षा ऋतु गुलिक काल:-15:00:16:30 राहू काल:-16:30से18:00 अभीजित....12:08से12:56 विक्रम सम्वंत .........2077 शक सम्वंत ............1942 युगाब्द ..................5122 सम्वंत सर नाम:-....प्रमादी 🌞चोघङिया दिन🌞 चंचल:-07:22से09:06तक लाभ:-09:06से10:50तक अमृत:-10:50से12:34तक शुभ:-14:18से16:02तक 🌗चोघङिया रात🌓 शुभ:-19:27से20:42तक अमृत:-20:42से21:58तक चंचल:-21:58से23:14तक लाभ:-01:46से03:02तक शुभ:-04:18से05:38तक आज के विशेष योग वर्ष का 75वाँ दिन, गंडमूल 14:11 तक, सिद्धियोग सुर्योदय से14:10, राजयोग14:10 से सूर्योदय, 🏡वास्तु टिप्स🏡 फ्लैट में पूर्व दिशा में द्वार का फल:- फ्लैट के पर्यान्त भाग में द्वार होने से परिवार में कन्या रत्न की वृद्धि होती है।

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1.#अतीन्द्रिय रेखा*

यह है चंद्र क्षेत्र के निम्न भाग से आरंभ होकर बुध क्षेत्र तक जाती है *2.#कामुकता रेखा-* यह केतु क्षेत्र से निकलकर बुध क्षेत्र तक जाती है *3. #परधन प्राप्ति रेखा-* यह रेखा शुक्र क्षेत्र में मंगल से बाई ओर होती है और जीवन रेखा के साथ साथ चलती है यह रेखा भी किसी किसी के हाथ में होती है *4.#यात्रा रेखाएं* यात्रा को निर्दिष्ट करने वाली रेखाएं कई स्थान पर होती है इसका निम्न प्रकार से विवरण है (1). चंद्र क्षेत्र से आरंभ होने वाली (2). मणिबंध से आरंभ होकर ऊपर जाने वाली (3 ). जीवन रेखा से आरंभ होकर ऊपर जाने वाली (4). अंगूठे के मूल से निकलकर पितृ रेखा से जा मिलने वाली (5). मणिबंध से ऊपर जीवन रेखा से निकलकर चंद्र पथ पर जाने वाली रेखा

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*कष्ट निवारण के लिए -662*

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *ऋण मुक्ति और धन वापसी के उपाय* किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन प्रदोष काल में यह पूजा प्रारंभ करें। किसी भी प्राण प्रतिष्ठित शिव मंदिर में जाकर श्रद्धापूर्वक शिव की उपासना करें। शिव पूजन के उपरांत अपने सामने दो दोने रख दें। एक दोने में यानी बायें हाथ वाले दोनें में 108 बिल्वपत्र पीले चंदन से प्रत्येक बिल्व पत्र में ॐ नम:शिवाय लिखकर रख दें। तत्पश्चात शुद्ध आसन बिछाकर एक बिल्वपत्र अपने दाहिनी हाथ में लें और इस ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः। मंत्र का जाप करें। और दाहिने हाथ वाले दोने में बिल्व पत्र को रख दें। ऐसा 108 बार करें। जाप पूरा होने के उपरांत एक पाठ ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का करें। साथ ही सर्वारिष्ट शान्त्यर्थ शनि स्तोत्र का पांच पाठ भी करें। ऐसा नियमित 40 दिन तक पूजा करने से ऋण से छुटकारा मिल जाएगा। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा!

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*KP ज्योतिष और विदेश यात्रा*:-

कुंडली का बारहवां भाव लग्न से 12 होने के कारण जातक के अपनों से दूर यानी विदेश यात्रा या नए जगह की यात्रा को बताता है! 9 भाव लंबी यात्रा को बताता है! 3 भाव स्थान परिवर्तन को बताता है! यदि बारहवें भाव के लार्ड का कनेक्शन 3/9 /12 से बने तो जातक विदेश यात्रा करता है! Note:- विदेश यात्रा में राहु का और दशाओं में आने वाले ग्रहों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है! *विदेश यात्रा के नाम पर ठगी* विदेश यात्रा के नाम पर बहुत से लोगों के साथ ठगी भी होती है! 5 8 12 का कॉन्बिनेशन या इनको सूचित करने वाले ग्रह का दशा अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा में आने पर ठगी होने की संभावना काफी प्रबल होती है! *विदेश जाने का उद्देश्य*:- उपरोक्त भावों के साथ आने वाले सहायक भाव विदेश यात्रा के उद्देश्य को बताते हैं!

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*जेल यात्रा को कैसे रोके*:-

बहुत से जातक विभिन्न कारणों से कई बार जेल यात्रा कर चुके होते हैं! किसी कोर्ट केस की वजह से यदि आपको लगता है कि आपको भी जेल जाना पड़ सकता है तो आपको इस उपाय को अपने ज्योतिषी की सहयोग से आजमाने की जरूरत है! राहु और बारहवां भाव जेल यात्रा के कारक होते है! बस जरूरत है आपकी कुंडली के अनुसार राहु और बारहवें भाव से संबंधित दूसरे कार्यक्षेत्र को अपनाने की! काफी हद तक इस रिजल्ट के अच्छे परिणाम मिले हैं यदि समय रहते उन्हें अपना लिया जाए!

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