आचार्य आनन्द जालान के अनुसार जिस जातिका की जन्म कुंडली के लग्न मे यदि कोई ग्रह बैठा है और वहीं ग्…
आचार्य आनन्द जालान के अनुसार जिस जातिका की जन्म कुंडली के लग्न मे यदि कोई ग्रह बैठा है और वहीं ग्रह पुरुष जातक की जन्म कुंडली के सप्तम भाव मे बैठा है और स्त्री जातिका के नवमांश कुंडली मे कहीं भी शुक्र ग्रह बैठा हो और पुरुष जातक के नवमांश कुंडली मे ठीक सातवे स्थान पर शुक्र ग्रह बैठा हो तो ये सबसे सर्वोत्तम कुंडली मिलान होगा ☺️ अर्थात स्त्री जातिका के नवमांश कुंडली मे कहीं भी शुक्र ग्रह बैठा हो सकता है और जिस पुरुष जातक से उस कन्या का विवाह करवाना हो तो उस पुरुष जातक की नवमांश कुंडली मे ठीक स्त्री जातिका के शुक्र ग्रह से पुरुष जातक अपनी कुंडली के सातवें स्थान पर यदि शुक्र ग्रह बैठा हो तो ये भाग्यशाली पति पत्नी को जोड़ा है ☺️ स्त्री का शुक्र ग्रह यदि दशवें घर मे हो तो पुरुष का शुक्र ग्रह चौथे घर मे होना चाहिए, इन्हे आप इस जोड़ी को लक्ष्मी नारायण व शिव शक्ति की जोड़ी कह सकते है