मिठाई की दुकान कौन कर सकते है?
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आज बात करते है अगर मिठाई की दुकान खोलने या करना चाहते है तो कौन लोग कर सकते है और किनके भाग्य में लिखी है मिठाई दुकान करना और मिठाई की दुकान करने से किनका होगा भाग्योदय और अच्छा धनलाभ आदि जन्मकुंडली/दशमांश कुंडली का दसवाँ भाव रोजगार/व्यापार का है तो दूसरा भाव खाने पीने बोलने मतलब मुहँ का होने से मिठाई का है तो 7वा भाव दुकानदारी का है तो बृहस्पति मिठाई का कारक ग्रह है तो बुध व्यापार का कारक ग्रह है साथ ही व्यापार में धन लाभ के लिए दूसरा और ग्यारहवा भाव है इसी कारण दूसरे और ग्यारहवे भाव और इनके स्वामियो का बलवान होना जरूरी है जिससे धन लाभ अच्छा हो और आमदनी भी अच्छी हो।। #अब जन्मकुंडली या दशमांश कुंडली मे दसवें भाव स्वामी या दसवे भाव या सम्बन्ध बलवान दूसरे भाव या बलवान दूसरे भाव स्वामी से बन रहा है और कही न कही इस दूसरे+दसवें भाव के सम्बंध में मिठास और मिठाई के कारक बृहस्पति का सम्बन्ध भी बन रहा हैव्यापार कारक बुध बहुत बलवान स्थिति में है तब मिठाई की दुकान कर सकते है अब इनकम भाव/ग्यारहवा भाव और ग्यारहवें भाव स्वामी बलवान स्थिति में है तब अच्छी आमदनी मिठाई की दुकान से होगी।। आचार्य आनन्द जालान के अनुसार इसके अलावा 7वे भाव स्वामी बलवान होकर दूसरे भाव या दूसरे भाव स्वामी सहित ग्यारहवे भाव स्वामी /ग्यारहवें भाव से सम्बंध किये हुए है साथ ही इस सम्बन्ध में बृहस्पति का भी सम्बन्ध है साथ ही व्यापार का कारक ग्रह मतलब व्यापार कराने वाला ग्रह