गौ पूजा का खास महत्व बताया जाता है. जो व्यक्ति, गाय माता की सेवा और सब प्रकार से उनका अनुगमन करत…
गौ पूजा का खास महत्व बताया जाता है. जो व्यक्ति, गाय माता की सेवा और सब प्रकार से उनका अनुगमन करता है उस पर संतुष्ट होकर गाय माता उसे अत्यन्त दुर्लभ वर प्रदान करती हैं.
यदि कोई व्यक्ति किसी वजह से तीर्थ पर नहीं जा पा रहा है तो वह गाय की सेवा करे. गाय की सेवा से तीर्थ करने के बराबर पुण्य मिलता है. गाय की सेवा करने वाले व्यक्ति के जीवन में सुख एवं समृद्धि बनी रहती है. अगर किसी की कुंडली में पितृदोष है या शुक्र नीच में राषि में है तो गाय की पूजा और उसकी देखभाल लाभकारी साबित हो सकता है.
यदि आप अपनी जन्म कुंडली में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से परेशान हैं तो इसके लिए भी गाय की पूजा लाभकारी होगी . जन्म कुंडली में यदि शुक्र अपनी नीच राषि कन्या पर हो या शुक्र की दशा चल रही हो तो प्रातःकाल के भोजन में से एक रोटी सफेद रंग की देशी गाय को 1 महीने 15 दिन तक लगातार खिलाने से शुक्र का नीचत्व एवं शुक्र संबंधित कुदोष अपने आप ही खत्म हो जाता है.
कुंडली में अगर पितृदोष है तो भी सफेद गाय को रोटी खिलाने से वह हमेशा के लिए दूर हो जाएगा.