जन्म कुंडली के कुछ विशेष आजीविका सम्बंदि योग !
ज्योतिष संबंधित समस्त जानकारी के लिए इस पेज को फॉलो करें अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें-09557120337 - यदि किसी जातक की कुंडली मेकुण्डली में दशम भाव में मंगल स्थित हो या मंगल का दशम भाव के स्वामी के साथ दृष्टि या युति संबंध हो तब व्यक्ति कुशल प्रशासक बनता है या सेना में अधिकारी का पद प्राप्त कर सकने के योग बनते है !
🔯 यदि किसी जातक की कुंडली मेमें चन्द्रमा या शुक्र की युति लग्नेश से हो जातक लेखक, कवि या पत्रकार बन सकता है. ओर अभिनय के क्षेत्र में सफलता के chance मिलते है !
🔯 यदि किसी जातक की कुंडली मेबुध या शुक्र दशम भाव में दशमेश का नवाँशपति होकर स्थित हो तो व्यक्ति कपडे़ का व्यवसाय करने में व सफेद वस्तुओ का व्यापार करने में सफलता मिलती है !
🔯 यदि किसी जातक की कुंडली मेसप्तम भाव से द्वादश भाव तक या दशम भाव से तृतीय भाव तक पाँच या पाँच से अधिक ग्रह स्थित हैं तब व्यक्ति स्वतंत्र व्यापार करता है ऐसे जातक को सभी व्यापार में अति सफलता मिलती है
🔯 ज्योतिष शास्त्र में बुध को बिजनेस का कारक ग्रह माना जाता है. बुध कुण्डली में यदि सप्तम भाव में द्वितीयेश के साथ है तब जातक व्यापार करने में रुचि रखता है और सफल होता है!
🔯यदि किसी जातक की कुंडली मेपंचमेश उच्च, त्रिकोण स्थान में होने पर व्यक्ति ने जिस विषय की पढ़ाई की है, उसी से संबंधित व्यवसाय करता है। पंचम स्थान में यदि उच्च का ग्रह है, तो व्यक्ति जुआ-सट्टे से धन कमाता है। ओर यदिलाभेश उच्च या त्रिकोण स्थान में होता है, तो विदेशी वस्तुओं से व्यापार या विदेश में व्यापार करने में सफल होता है