नमस्कार मित्रो
नमस्कार मित्रो आज हम बात करेंगे वैदिक ज्योतिष के कुछ सूत्र की !
*आर्थिक परेशानी क्यों*:- -1)यदि धन भाव का स्वामी 6,8,12 में हो 2)लाभ भाव का स्वामी 6,8,12 में हो 3)चंद्र पीड़ित हो 4)दशम भाव का स्वामी 6,8,12 भाव में हो तो व्यापार में लाभ नहीं होता है!(Generally)
ये कुछ ऐसे दोष है जिनके होने से आर्थिक परेशानी लगी रहती है ! अब बात करते है केपी ज्योतिष के द्वारा इन दोषो की तीव्रता जानना :-
1)किसी भी ग्रह में 5,8,12 नहीं हो तो उसका उतना दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है 2)यदि किसी भी ग्रह में 2,6,7,10,11 हो तो वैदिक के अनुसार अशुभ होने पर भी वह अशुभ प्रभाव नहीं देता है 3)यदि कोई ग्रह वैदिक से भी अशुभ है और केपी से भी अशुभ है तो वह सबसे ज्यादा अशुभ प्रभाव वाला ग्रह होता है इस प्रकार हम केपी ज्योतिष के द्वारा ग्रहो कि अच्छाई और नकारत्मकता सटीकता से जान सकते है और सटीक विश्लेषण कर सकते हैं !