नमस्कार
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नमस्कार
*अविवाहित योग*
1 6 10 + 8/12 अधिकतर ग्रहो में हो
और सप्तमेष पीड़ित, या अस्त
शूक्र पीड़ित या अस्त
दाराकारक ग्रह पीड़ित या अस्त
सप्तम भाव पीड़ित या अस्त
तो ये योग बनता है !
लेकिन ध्यान दें
मन का मालिक चन्द्र है
चन्द्र में 1 6 10 होना
अकेले रहना बताता है
सूर्य आत्मा का मालिक
इसमें 1 6 10 हो तो अकेले रहना बताता है
लग्न को
1 6 10 बताने वाले ग्रहः देखे तो
अकेले रहना बताता है
मतलब अविवाहित!!
Note:- उपरोक्त योगों में से कुछ योग होने पर वैवाहिक जीवन में समस्या भी आत