*भारतवर्ष में मात्र एक ही ग्रहण है इक्कीस जून दो हजार बीस को* *शेष ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्य…
*भारतवर्ष में मात्र एक ही ग्रहण है इक्कीस जून दो हजार बीस को* *शेष ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्य नहीं* *आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि रविवार को सूर्य ग्रहण लगेगा जोभारत में भी दिखाई देगा* *सूर्य ग्रहण इक्कीस जून को मिथिला और काशी पंचांगों केअनुसार दिन में दस बजकर उनचालीस मिनट पर आरंभ होगा, दिन में बारह बजकर अड़तीस मिनट पर मध्य होगा और दिन में दो बजकर चार मिनट पर मोक्ष अर्थात् सूर्यग्रहण समाप्त हो जायेगा* 🙏नोट:- *चुंकि भारतवर्ष में केवल एक ही सूर्य ग्रहण है इक्कीस जून को इसीलिए हमलोग केवल इक्कीस जून के सूर्य ग्रहण के सूतक आदि के नियम का पालन करेंगे* *बांकी जो भी ग्रहण होगा वो भारतवर्ष में दिखाई ही नहीं देगा इसीलिए उसका कोई नियम पालन नहीं करेंगे हमलोग* *इक्कीस जून दो हजार बीस रविवार को जो सूर्य ग्रहण लगेगा उसके नियमों का पालन करेंगे हमलोग और केवल इक्कीस जून के ग्रहण का ही शुभ अशुभ प्रभाव होगा हमलोगों की अपनी अपनी राशियों पर*