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Astrologer Rajeev patel

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Fresh stories, announcements and offers about Astrologer, straight from our business.

*ये लेख उन के लिए जिन का आज जन्मदिन है -*

*21 मार्च* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 कैसा बितेगा वर्ष 2020 लाभदायक रंग दिन जीवनसहायक इस्ट्देव भाग आप सदैव आनंद से, कुशल रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें. विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें. ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे. आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे." जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना यह लेख नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका आज जन्मदिन होगा अंक ज्योतिष शास्त्र अनुसार आप का मूलांक 3 होता हे इस का स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति है आप स्वभाव से शांतिप्रिय, कोमल हृदय, मृदुवाणी एवं सत्य वक्ता अनुसासन प्रिय अतिधर्मिक त्रिकोण मस्तिष वाले बहुत साहसी होते हैं। उन्हें अच्छाई व सच्चाई के मार्ग पर चलना पसंद होता है। इसलिए वे किसी कार्य को करने से नहीं डरते है। वे सही जगह व सही समय पर अपना शक्ति प्रदर्शन करते हैं। अति सहयोगी होते हैं । इनका जीवन एक सफल मार्गदर्शक के रूप में बनता है। 🙏 सावधानी -किसी को ऋण उधार देते समय सावधान रहे l शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30 शुभ वर्ष : 2019, 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052 ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु शुभ रंग : पीला , सुनहरा और गुलाबी कैसा रहेगा यह वर्ष. ---- इस वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। घर या परिवार में शुभ मांगलिक कार्य होंगे। परिवारजन मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है। 🙏🏻🙏🏻🕉🕉🙏🏻🙏🏻

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कोरोना वायरस को हराने 22 को जनता कर्फ्यू का ज्‍योतिषय पक्ष

● रविवार को राहू का नक्षत्र है। ●22 तारीख मतलब फिर से राहू। ●कोई भी वायरस इन्फेक्शन का कारक भी राहू है। तो राहू से बचने के लिए घर से न निकले। ● वास्तु में हम windchimes या मेटल को राहू का मानते है, मतलब, मेटल की आवाज राहू की है। ● 5 बजे मेटल, घंटी की आवाज होगी तो स्पेस में राहू मेनिफेस्ट हो जाएगााा ( जैसे हम डोनेशन से ग्रह की एनर्जी channelize करते है) तो उसके गलत प्रभाव से हमें तकलीफ कम होगी। ● 5 बजे का ही समय क्यों, क्योंकि उस समय राहू काल शुरू होगा। ★★★★★★★★★★★ कल २२.०३.२०२० को शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसके *दशापति राहु होता* हैं सत्य है। हां कल *पांच बजे से साढ़े छः तक राहुकाल* रहेगा । २२ यानी इसका योग *४ हुआ यह राहु का मूलांक* है। ज्योतिष में राहु को जहरीला धुआं माना गया हैं। राहु सर्प हैं वह अग्नि बिशेष तौर से जिसमें हवन सामग्री ड़ली हो बर्दाश्त नहीं कर सकता। ध्वनि तंरग पर राहु का प्रभाव रहता है। महामारी का कारक है।शरीर में कान, जिह्वा, समस्त सिर तथा गले में राहु का विशेष प्रभाव रहता है। कुछ ध्वनियां है जो राहु के प्रभाव को कम कर देती हैं। वाकई कल का दिन राहु के प्रभाव को कम करने के लिए उपाय के रूप में उपयोग करना चाहिए।ध्वनि तंरग को बाधित करने के लिए प्रतिध्वनि की जा सकती है। यह एक वैज्ञानिक विधि होगी। हालांकि यह जो रहस्यमय विषाणु हैं। इसके विस्तार में केतु, मंगल एवं बृहस्पति की युति है। 🙏🙏

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कोरोना वायरस को हराने 22 को जनता कर्फ्यू का ज्‍योतिषय पक्ष

● रविवार को राहू का नक्षत्र है। ●22 तारीख मतलब फिर से राहू। ●कोई भी वायरस इन्फेक्शन का कारक भी राहू है। तो राहू से बचने के लिए घर से न निकले। ● वास्तु में हम windchimes या मेटल को राहू का मानते है, मतलब, मेटल की आवाज राहू की है। ● 5 बजे मेटल, घंटी की आवाज होगी तो स्पेस में राहू मेनिफेस्ट हो जाएगााा ( जैसे हम डोनेशन से ग्रह की एनर्जी channelize करते है) तो उसके गलत प्रभाव से हमें तकलीफ कम होगी। ● 5 बजे का ही समय क्यों, क्योंकि उस समय राहू काल शुरू होगा। ★★★★★★★★★★★ कल २२.०३.२०२० को शतभिषा नक्षत्र रहेगा, जिसके *दशापति राहु होता* हैं सत्य है। हां कल *पांच बजे से साढ़े छः तक राहुकाल* रहेगा । २२ यानी इसका योग *४ हुआ यह राहु का मूलांक* है। ज्योतिष में राहु को जहरीला धुआं माना गया हैं। राहु सर्प हैं वह अग्नि बिशेष तौर से जिसमें हवन सामग्री ड़ली हो बर्दाश्त नहीं कर सकता। ध्वनि तंरग पर राहु का प्रभाव रहता है। महामारी का कारक है।शरीर में कान, जिह्वा, समस्त सिर तथा गले में राहु का विशेष प्रभाव रहता है। कुछ ध्वनियां है जो राहु के प्रभाव को कम कर देती हैं। वाकई कल का दिन राहु के प्रभाव को कम करने के लिए उपाय के रूप में उपयोग करना चाहिए।ध्वनि तंरग को बाधित करने के लिए प्रतिध्वनि की जा सकती है। यह एक वैज्ञानिक विधि होगी। हालांकि यह जो रहस्यमय विषाणु हैं। इसके विस्तार में केतु, मंगल एवं बृहस्पति की युति है। 🙏🙏

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*20 मार्च 2020 शुक्रवार*

रवि गोल--दक्षिण गोल/उत्तर गोल। ऋतु--बसन्त। वर्ष दिवस--080। मासोत्तमे मास-- चैत्र। पक्ष-- कृष्ण (वद)। तिथि-- 12 (प्रथम)।द्वादशी।अहोरात्र(दिनरात)। वार--भृगुवासरे । नक्षत्र-- श्रवण।सांय 05:04(17:04)तक। ********************************** ग्रह स्थिति.......... 01.सूर्य--मीन। 02.चन्द्र-- मकर। 03.भौम-- धनु। 04.बुध--कुम्भ।अस्त। 05.गुरू--धनु। 06.शुक्र-- मेष। 07.शनि--मकर। 08.राहु--मिथुन†(वक्री) । 09..केतु--धनु†(वक्री) । *********************************** सूर्योदय.....06:45। सूर्यास्त..... 18:45। काल...@12:21-13:09 @(शुभ)। राहु काल.......@11:15-12:45 @(अशुभ)। चौघडिया--- दिन......... चल --08:15 तक (शुभ) लाभ -- 09:45 तक (शुभ) अमृत-- 11:15 तक (शुभ) काल--12:45 तक(अशुभ)(राहुकाल) शुभ--14:15 तक(शुभ) रोग--15:45 तक (अशुभ) उद्वेग--17:15 तक(अशुभ) चल--18:45 तक (शुभ) रात---- रोग-- 20:15 तक(अशुभ) काल-- 21:45 तक (अशुभ) लाभ-- 23:15 तक (शुभ) उद्वेग-- 24:45*तक(अशुभ) शुभ-- 26:15* तक (शुभ) अमृत-- 27:45*तक(शुभ) चल-- 29:15* तक (शुभ) रोग--30:45*तक(अशुभ) ********************************** भद्रा विचार-- कर्क-सिंह-कुम्भ-मीन चन्द्र राशि-- मृत्यु लोक(अशुभ) मेष-वृष-मिथुन-वृष्चिक चन्द्र राशि--स्वर्गलोक(सामान्य) कन्या-तुला-धनु-मकर-- पाताल लोक(सामान्य) मृत्युलोक भद्रा पूर्णतया अशुभ।शेष अशुभ नहीं। *****

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*केवल दो मंत्र ही महामंत्र कहलाए*

*गायत्री मंत्र तथा महामृत्युञ्जय मंत्र* जितना हो सके मानसिक जाप करें 🙏 इन मंत्रो में किसी देवताओ का नाम नहीं आता, अतः ये किसी जाति या धर्म विशेष के न होकर सारी मानव जाति के लिए है। शरीर और बुध्दि के आधार पर मनुष्य अन्य जीवो से अलग व् श्रेष्ठ है मनुष्य जीवन में उन्नती के लिए आवश्यक है की उसकी शारीरिक ऊर्जा और बुद्धि का विकास सतत होता रहे। *गायत्री मंत्र* - हमारी बुद्धि को शुद्ध कर बुद्धि का विकास करता है। *महामृत्युंज मंत्र* - हमारे शरीर की कोशिकाओ (DNA) को मजबूत कर सकारात्मक ऊर्जा देता है। *हरि ॐ तत्सत..*. 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

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* 19 मार्च 2020 गुरुवार*   

विक्रम संवत--2076। शक संवत--1941। राष्ट्रीय तिथि-- फाल्गुन 29। अयन--उत्तरायण। रवि गोल--दक्षिणगोल। ऋतु--बसन्त। वर्ष दिवस--079। मासोत्तमे मास-चैत्र। पक्ष-- कृष्ण(वद)। तिथि-- 11।एकादशी, रात्रिशेष 05:58 (29:58)तक। वार--गुरुवासरे । नक्षत्र-- उत्तराषाढ़ा।अपरान्ह 02:48 (14:48)तक।तदुपरान्त श्रवण। राशि-- मकर। नामाक्षर-- @-जा-जी-@ (उत्तराषाढ़ा)। @-खि-खू-खे-@(श्रवण) योग--परिघ/शिव। करण--बव/बालव। सायन सूर्य--मीन। व्रत,पर्व,त्यौहार--पापमोचिनी एकादशी व्रत ********************************** ग्रह स्थिति.......... 01.सूर्य--मीन। 02.चन्द्र--मकर। 03.भौम--धनु। 04.बुध--कुम्भ।अस्त। 05.गुरू--धनु। 06.शुक्र--मेष। 07.शनि--धनु । 08.राहु--मिथुन†(वक्री) । 09..केतु--धनु†(वक्री) । ********************************** सूर्योदय--06:46। सूर्यास्त--18:45। अभिजीत काल--@12:22-13:10@ (शुभ) राहु काल--@14:15-15:45 @(अशुभ)। चौघडिया---मानक समयानुसार. सूर्योदय से......... शुभ-- 08:15 तक (शुभ) रोग--09:45 तक (अशुभ) उद्वेग--11:15 तक (अशुभ) चल--12:15 तक(शुभ) लाभ--14:15 तक (शुभ) अमृत--15:45 तक (शुभ)(राहुकाल)  काल--17:15 तक (अशुभ) शुभ--18:45तक (शुभ)  सूर्यास्त से---- अमृत--20:16 तक (शुभ)   चाल-- 21:46 तक (शुभ) रोग-- 23:16 तक (अशुभ) काल-- 24:46* तक(अशुभ) लाभ-- 26:16* तक (शुभ) उद्वेग-- 27:46* तक (अशुभ) शुभ-- 29:16 *तक (शुभ) अमृत--30:46* तक(शुभ) ********************************* गुरुवार  को ''दक्षिण  '' दिशा की ओर यात्रा करने मे दिशा शूल होता है, अर्थात इस दिन इस दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर आप को यात्रा करनी आवश्यक हो तो आज के दिन ''दही  '' का प्रयोग कर यात्रा पर निकलना दिशा शूल दोष को ख़त्म

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★वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व

#शनि पश्चिम दिशा लाभ एवं प्रसन्नता की दिशा है। इस दिशा के ग्रह शनि एवं देवता वरुण देव है। शनि ग्रह भाग्य, कर्म, यश तथा पौरुष संबंधी कार्यों का कारक होता है। इस दिशा को हमेशा स्वस्थ्य रखना चाहिए। इस दिशा में ड्राइंगरूम, बेडरूम, पुस्तकालय होना शुभ होता है। #चन्द्रमा वायव्य दिशा का स्वामी चन्द्रमा है। यह शांत चित्त एवं भाग्य का अधिपति ग्रह है। यह मन, चित्तवृत्ति, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, संपत्ति व माता का कारक है। वहीं वास्तु में वायव्य कोण वायुदेव का स्थान है। वायुदेव हमें शक्ति, प्राण, स्वास्थ्य प्रदान करते है। सामाजिक जीवन एवं व्यापार पर इसका विशेष प्रभाव होता है। इस दिशा में भोजनकक्ष,अतिथि गृह, विवाह योग्य कन्याओं का कमरा एवं बिना टॉयलेट के बाथरूम होना शुभ होता है। #बुध यह ग्रह उत्तर दिशा के स्वामी एवं इस दिशा के देवता कुबेरदेव होते हैं। बुध वाक्चातुर्य एवं विद्धता का प्रतिनिधि ग्रह है। जिस घर में उत्तर दिशा शुभ होती है वहां के लोग अत्यंत बुद्धिमान, विद्वान, लेखन एवं कविता में रूचि रखने वाले होते हैं। बुध सम्पन्नता और करियर का प्रतिनिधि ग्रह है इसलिए इस दिशा में अध्ययन कक्ष, तिजोरी और पुस्तकालय शुभ माने गए हैं। #गुरु यह उत्तर-पूर्व या ईशान कोण का स्वामी ग्रह है एवं विष्णुदेव इस दिशा के देवता हैं । गुरु, ईश्वरीय तेज एवं आध्यात्मिक वृत्ति का प्रदाता ग्रह है। बौद्धिक विकास एवं बौद्धिक शांति के लिए तथा ईश्वर की कृपा पाने के लिए यह दिशा स्वस्थ्य रखनी चाहिए। इस दिशा में पूजा स्थल एवं योग कक्ष बनाना अत्यंत शुभकारी है।

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★वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व★

किसी भी वास्तु में नौ ग्रहों का आधिपत्य होता है एवं वास्तु में इनका स्थान निश्चित कोण पर होता है। इसी प्रकार प्रत्येक दिशा के देवता भी अलग-अलग होते हैं। घर में इनके संतुलित होने पर सुख-समृद्धि रहती है वहीं, इनके स्वभाव के विपरीत निर्माण करने पर वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है जिससे अनेकों प्रकार की परेशानियों का जीवन में सामना करना पड़ सकता है। सभी नौ ग्रहों का घर के वास्तु पर कैसा असर होता है..... #सूर्य पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य ग्रह एवं देवता इंद्र है। सूर्य स्वास्थ्य, ऐश्वर्य और तेजस्व प्रदान करने वाला ग्रह है यदि घर की पूर्व दिशा दोषमुक्त रहे तो उस भवन का स्वामी और उसमें रहने वाले सदस्य महत्वकांक्षी, सत्वगुणों से युक्त और उनके चेहरे पर तेज होता है। ऐसे में भवन स्वामी को खूब मान-सम्मान मिलता है। इसलिए वास्तु में पूर्व दिशा को खुला छोड़ने की सलाह दी जाती है ताकि अंनत गुणधर्म वाली सूर्य की रश्मियां भवन में प्रवेश कर सकें। कभी भी इस दिशा को भारी व बंद नहीं करें। #शुक्र आग्नेय कोण के अधिपति ग्रह एवं इस दिशा के देवता अग्निदेव हैं। शुक्र ग्रह ऐश्वर्य के स्वामी हैं। जिस भवन में दक्षिण-पूर्व या आग्नेय कोण शुभगुणों से युक्त और दोष रहित होता है ऐसे वास्तु की आंतरिक ऊर्जा स्वस्थ्य और शुक्र के गुणधर्म वाली होती है। इस दिशा में रसोई, बिजली के सामान एवं विद्युत केंद्र होना चाहिए

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दादा श्री नंद किशोर जी के सूत्र ....

विभिन्न भावों में *राहू* क्या फल देता है ... पहले भाव मे राहू...चाचा ना हो या चाचा के साथ सम्बन्ध अच्छे ना हो। 2 भाव मे राहू..जिंदगी में (लग्न को)जो सम्मान जातक को मिलना चाहिए वो नहीं मिलता। जातक के दाँत गंदे,पीले होंगे।खराब होंगे। 3 भाव मे राहू.....परिवार में मतभेद होंगे।जातक के धन संग्रह में रुकावटें आएंगे। 4 भाव मे राहू ....छोटे भाई/बहन की कमी या उनसे सम्बन्ध ठीक नहीं रहेंगे। 5 भाव मे राहू....माता ,मकान,वाहन का सुख कम। माता से जल्दी दूर होना। 6 भाव में राहू....माध्यमिक शिक्षा में रुकावट। 7 भाव में राहू...प्रगति रुके,कर्ज़ होवे। 8 भाव में राहू .....18/36/54 वर्ष की उम्र में कुत्ता काटे और अचानक प्रगति । 9 भाव में राहू....जातक का डेढ़ वर्ष की आयु में ही गंगा स्नान और बार बार गंगा स्नान। 10 भाव में राहू.....उच्च शिक्षा में तकलीफ।कार्यस्थल के पास रेलवे,थाना,मस्जिद या नगरनिगम आफिस होगा। 11 भाव में राहू..... अच्छी नोकरी नहीं,मनपसंद नहीं। 12 भाव में राहू.....बड़े भाई के सुख में कमी। 🙏🙏🙏

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*🌐🔆 ॐ द्रां 🔆🌐*

🚩श्री गणेशाय नम:🚩 📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 18 - Mar - 2020 ☀ Ahmadabad, India ☀ पंचांग 🔅 तिथि दशमी 28:28:03 🔅 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 13:01:24 🔅 करण : वणिज 15:52:37 विष्टि 28:28:03 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग वरियान 11:46:38 🔅 वार बुधवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 06:45:13 🔅 चन्द्रोदय 27:36:00 🔅 चन्द्र राशि धनु - 19:25:39 तक 🔅 सूर्यास्त 18:50:06 🔅 चन्द्रास्त 13:43:00 🔅 ऋतु वसंत ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित कोई नहीं ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 12:23:30 - 13:11:50 🚩श्री गणेशाय नम:🚩 📜 चोघडिया 📜 ☀ 18 - Mar - 2020 ☀ Ahmadabad, India 🔅लाभ 06:45:13 - 08:15:50 🔅अमृत 08:15:50 - 09:46:27 🔅काल 09:46:27 - 11:17:03 🔅शुभ 11:17:03 - 12:47:40 🔅रोग 12:47:40 - 14:18:17 🔅उद्वेग 14:18:17 - 15:48:53 🔅चल 15:48:53 - 17:19:30 🔅लाभ 17:19:30 - 18:50:06 🔅उद्वेग 18:50:06 - 20:19:23 🔅शुभ 20:19:23 - 21:48:39 🔅अमृत 21:48:39 - 23:17:55 🔅चल 23:17:55 - 24:47:11 🔅रोग 24:47:11 - 26:16:27 🔅काल 26:16:27 - 27:45:43 🔅लाभ 27:45:43 - 29:14:59 🔅उद्वेग 29:14:59 - 30:44:16

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#मिथुन लग्न में सूर्य (Sun in Gemini Ascendant)

1 लग्न में बैठा सूर्य अपने मित्र की राशि में होता है (Sun is in a friendly sign when it is in Gemini). 2 व्यक्ति के चेहरे पर रक्तिम आभा छलकती है.व्यक्ति सुन्दर और आकर्षक होता है.इनका व्यक्ति उदार होता है.इनमें साहस धैर्य और पुरूषार्थ भरा होता है. 3 बचपन में इन्हें कई प्रकार के रोगों का सामना करना होता है.युवावस्था में कष्ट और परेशानियों से गुजरना होता है.वृद्धावस्था सुख और आनन्द में व्यतीत होता है. 4 इन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना होता है. 5 सप्तम भाव पर सूर्य की दृष्टि होने से विवाह में विलम्ब होता है. 6 वैवाहिक जीवन अशांत रहता है.

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#पंचम भाव में चंद्रमा ।

#(Moon in Fifth House) 1 जिस के जन्म लग्न से पंचम स्थान में चद्रमा होता है वह इंद्रियों पर विजय करने वाला , सत्य बोलने वाला, सदैव प्रसन्न रहने वाला होता है। 2 उसका मन शुद्ध व शांत होता है। 3 असीम कल्पना शक्ति का मालिक होता है। 4 विशाल हृदय का स्वामी होता है। 5 वह विविध वस्तुओ को संग्रह करने का शौक़ीन होता है। 3 धन तथा संतान सुख की प्राप्ति होती है। #अशुभ चन्द्रमा डिप्रेशन अथवा मानसिक रोग देता है। 1 यदि पाप प्रभाव में हो तो दुष्ट बुद्धि वाला होता है। 2 कोई भी कार्य बिना रुकावट के नहीं होती। 3 ऐसा व्यक्ति जिद्दी स्वभाव का हो जाता है। 4 निराशावादी हो जाता है। 5 नकारात्मक विचारो के कारण कभी-कभी मानसिक रोग का भी शिकार हो जाता है। 6 डिप्रेशन की समस्या भी आ जाती है। परन्तु यह सब तभी होगा जब चन्द्रमा का अशुभ ग्रहो के साथ युति हो या अशुभ ग्रहो की दृष्टि हो।

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