Skip to content
Ahmedabad, Gujarat, 380006

Business hours

Astrologer Rajeev patel

Monday
9am-5pm
Tuesday
9am-5pm
Wednesday
9am-5pm
Thursday
9am-5pm
Friday
9am-5pm
Saturday
9am-5pm
Sunday
9am-5pm

You can anytime during the day with your query.

9898745868

Latest Posts & Updates

Fresh stories, announcements and offers about Astrologer, straight from our business.

कुंडली में अगर सूर्य कमजोर हों तो तो क्या होगी परेशानियां और क्या है उपाय 💥

सूर्य अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कमजोर स्थिति में हो तो उसे कार्यक्षेत्र के साथ-साथ जीवन में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं शारीरिक रोग-दोष का सामना करना पड़ता है और हार्ट व नेत्र से संबंधित परेशानियां लगी रहती है। साथ ही कई झूठे आरोपों का भी सामना करना पड़ता है और मान-सम्मान में भी कमी आती है। पिता के साथ संबंध अच्छे नहीं रहते और धन की हानि लगातार बनी रहती है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से कुंडली में पितृ दोष भी लगता है। सूर्य ग्रह के उपाय💥 कुंडली में सूर्य ग्रह को मजबूत बनाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं… 1- रविवार का व्रत करें और खाने में नमक का प्रयोग न करें और गाय की सेवा करें। 2- किसी तालाब पर जाकर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। ध्यान रखें कि आटे की गोलियों में थोड़ी शक्कर जरूर मिला लें। 3- हर दिन सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र और हरिवंश पुराण का पाठ करें। साथ ही किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें और गरीबों की सहायता करें, ऐसा करने से सूर्य मजबूत होते हैं। 4- पिता का सम्मान करें और सूर्य से संबंधित चीजों का दान करें। इस बात का ध्यान रखें कि अन्न व जल दान करने के बाद ही ग्रहण करें। सूर्य देव के मंत्र💥 कुंडली में सूर्य को मजबूत बनाने के लिए हर रोज आप इन मंत्रों का भी जप कर सकते हैं… एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर।। ओम घृणि सूर्याय नमः ओम ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते अनुकंपयेमां भक्त्या गृहाणार्घय दिवाकर ओम ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ओम नौकरी, व्यापार में सफल होने, धन- लाभ, करियर में तरक्की

कुंडली में अगर सूर्य कमजोर हों तो तो क्या होगी परेशानियां और क्या है उपाय 💥 post imageRead full post

*✍️ साथियों आज हम बात करते हैं मंगल-शुक्र की युति की।*

ज्योतिषीय परिभाषा के अनुसार जब किसी स्त्री या पुरुष की कुंडली में मंगल और शुक्र एक साथ एक ही घर में मौजूद हों तो ऐसे जातक में काम वासना की अधिकता होती है। इन दोनों ग्रहों की स्थिति यदि अत्यंत मजबूत हो तो यह काम वासना अत्यधिक तीव्रता वाली हो जाती है और जातक को खुद पर नियंत्रण रखना भी मुश्किल हो जाता है। 👉 वैदिक ज्योतिष में मंगल को अग्नि और तेज का प्रतीक माना गया है। शरीर में रक्त पर मंगल का प्रभाव होता है। वहीं शुक्र सौंदर्य, प्रेम, वासना, काम, यौन इच्छा का प्रतिनिधि ग्रह होता है। जब इन दोनों ग्रहों का मिलन होता है तो इनके गुणधर्मों के अनुसार व्यक्ति में काम वासना बलवती हो जाती है। कुंडली के अलग-अलग भावों के अनुसार इनके फल में कम-ज्यादा हो सकता है, लेकिन मूलत: यह व्यक्ति को अत्यंत कामी बनाता है। 👉 जब किसी जातक की जन्मकुंडली में मंगल और शुक्र एक साथ बैठे हों और दोनों ग्रह सामान्य अवस्था में हो तो जातक में यौन इच्छाएं तो अत्यंत प्रभावी होती हैं, लेकिन उसका उन इच्छाओं पर पूर्ण नियंत्रण होता है। यह परिस्थिति के अनुसार खुद को कंट्रोल कर सकता है। 👉 यदि मंगल और शुक्र एक साथ बैठे हों और दोनों अत्यंत प्रबल अवस्था में हो, बलवान हो तो व्यक्ति की काम वासना की भावना बहुत बलवती होती है। कई बार जातक अपनी वासना को नियंत्रित नहीं कर पाता 👉जिस जातक की कुंडली में मंगल-शुक्र दोनों संतुलित अवस्था में हो तो उसके अनेक विपरीत लिंगी मित्र होते हैं और वह सबके साथ समान व्यवहार करता है। 👉 पुरुष की कुंडली में यह युति है तो उसकी महिला मित्र अधिक होंगी और स्त्री की कुंडली में इस युति के होने से उसके पुरुष मित्र अधिक होते हैं।

Read full post

*गुड़-चना साथ खाने के ये फायदे*

👇📖👇📖👇📖👇📖👇 घरेलू नुस्खे कम समय में शरीर को आराम पहुंचाते हैं और साथ ही यह सेहत को भी ठीक रखते हैं. गुड़ और चना दोनों ही सेहत के लिए बहुत लाभदायक हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों को साथ मिलाकर खाने से कई बड़ी बीमारियों को दूर किया जा सकता है. आइए जानें, गुड़ और चना साथ खाने के क्या हैं फायदे... 👇👇👇 खून की कमी में फायदेमंद कई बार कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए लोग गुड़ और चने खाना पसंद करते हैं. लेकिन इसके अलावा गुड़ और चना एनीमिया रोग दूर करने में काफी मददगार साबित होता है. क्या है एनीमिया रोग?👉 रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाला एनीमिया रोग ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलता है. खास तौर से आयरन की कमी के कारण यह समस्या सामने आती है, जिसमें थकान और कमजोरी महसूस होना आम बात है. ऐसे में महिलाओं को अपनी डाइट में आयरन से भरपूर चीजें लेने की सलाह दी जाती है ताकि हीमोग्लोबिन का स्तर कम न हो. आयरन की मात्रा से हैं भरपूर गुड़ और चना आयरन से भरपूर होता है और यही कारण है कि एनीमिया से बचने के लिए यह बेहद मददगार साबित होता है. गुड़ में उच्च मात्रा में आयरन होता है और भुने हुए चने में आयरन के साथ-साथ प्रोटीन भी सही मात्रा में पाया जाता है. इस तरह से गुड़ और चने को मिलाकर खाने से आवश्यक तत्वों की कमी पूरी होती है, जो एनीमिया रोग के लिए जिम्मेदार होते हैं. बॉडी को मिलती है भरपूर एनर्जी गुड़ और चना न केवल आपको एनीमिया से बचाने का काम करते हैं, बल्कि आपके शरीर में आवश्यक उर्जा की पूर्ति भी करते हैं. शरीर में आयरन अवशोषि‍त होने पर ऊर्जा का संचार होता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती.

Read full post

Analysis of the Birth Chart of Bollywood's Most Beautiful Actress Katrina Kaif💗💃

अत्यधिक ज्ञान और तीक्ष्ण बुद्धि के कारण जीवन में नयी ऊचाईयों को छूते हैं धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म होने के कारण katrina को बचपन से ही साज श्रृंगार में अधिक रूचि थी ओर वह model बनना चाहती थी इसी नक्षत्र के कारण इनका वैवाहिक जीवन निरस्ता से भरा है ओर पढ़ाई मे भी इनकी अधिक रूचि नही थी कैटरीना कैफ का जन्म 16 जुलाई 1984 को कुंभ चन्द्र लग्न में, हांगकांग में हु. शनि उच्च का होने के कारण एवं राहु का मित्र राशि मे होने के कारण उनका आकर्षण फिल्मों एवं एक्टिंग की ओर हुआ। इसी ने इनको आरंभ में इस क्षेत्र में प्रवेश भी कराया। राहु की महादशा में इन्होने सन् 2004 तक बहुत संघर्ष कराया। शुरुआत में असफलताओं का स्वाद चखने के बाद, साल 2007 और 2008 में इनकी एक के बाद एक कई फिल्में हिट हुई और इन फिल्मों के बाद इनको बॉलीवुड की सफल अभिनेत्री घोषित कर दिया गया। कैटरीना की कुंडली में 2004 से गुरु की महादशा चली गुरु छठे ओर भाग्य भाव का स्वामी होकर छठे भाव मे स्थित है ये महादशा इनके व्यवसाय के लिए उत्तम साबित हुई लेकीन भाग्येश गुरु भी 6थे स्थान होने से भाग्य स्थान पर किसी भी शुभ ग्रह की दृष्टि न होने से कड़ी मेहनत करनी पड़ी गुरु की महादशा जो कि 8 सितम्बर 2020 तक चली लग्न मे शुक्र बुध की यूति Katrina को शारीरिक रूप से सुंदर और और आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक बनाता है। लग्नेश चंद्र 8वे स्थान में शनि के घर का है। जिस के ऊपर किसी भी शुभ ग्रह की दृष्टि न होने से ओर केमद्रुम योग होने के कारण उनको मानसिक टेंसन ज्यादा रहने की संभावना है। लग्न शुक्र व बुध की युति ने जहां उनको अनुपम, सौंदर्य प्रदान किया वहीं इन ग्रहो का अकारक

Analysis of the Birth Chart of Bollywood's Most Beautiful Actress Katrina Kaif💗💃 post imageRead full post

पुखराज किस राशि वालों को धारण करना चाहिए

और क्या लाभ है जाने .... पुखराज, जिसे अंग्रेजी में येलो सेफायर कहते हैं देखने में हल्के पीले या गहरे पीले रंग का होता है। यह चमकीला होता है। ध्यान से देखने पर ऐसा लगता है जैसे इसके अंदर पानी हो। इसके आर-पार दिखाई देता है लेकिन साफ साफ नहीं, थोड़ा सा धुंधला। हालांकि पीला पुखराज सबसे ज्यादा अमूल्य और लोकप्रिय होता है लेकिन इसके अलावा यह सफेद, गुलाबी और नीले रंग का भी होता है और वह सब भी बहुत मूल्यवान होते है। एक बहुत ही दुर्लभ ब्रेगेंजा नामक रंगहीन पुखराज पुर्तगाल के राजा के पास है , जिसे पहले हीरा समझा जाता था। साथ ही इसे पहनने से क्या फायदा होगा और क्या नुकसान है। वृष राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और इस ग्रह का गुरु के साथ सामान्यर संबंध होता है। इसके अलावा गुरु, वृष राशि के आठवें और ग्यारहवें भाव का भी स्वामी है। वृषभ राशि के दूसरे, चौथे, पांचवे, नौवे, दसवें और ग्यारहवें भाव में गुरु हो तो उस व्यहक्ति को आर्थिक मजबूती मिलती है। ये जातक पुखराज रत्न पहन सकते हैंमिथुन राशि का स्वामी बुध है। गुरु और बुध के बीच भी ना ही बहुत अच्छे संबंध है और ना ही बहुत बुरे । गुरु के दूसरे, चौथे, पांचवे, सातवें और आठवें भाव में होने पर जातक को पुखराज रत्नर जरूर धारण करना चाहिए। तुला राशि के तीसरे और छठे घर का स्वामी गुरु है। साथ ही तुला राशि का स्वामी शुक्र है एवं गुरु और शुक्र के मध्य शत्रुता का संबंध होने के कारण तुला राशि के लोगों को पुखराज रत्न जरा भी फायदा नहीं पहुंचाता है। पुखराज पहनने से आपको पेट से संबंधित परेशानी हो सकती है। कुंभ राशि का स्वामी शनि ग्रह है। इस राशि में गुरु द्वितीयेश यानि प्रबल मारकेश और एकादशेश होने के कारण अकारक

Read full post

*संतान_प्राप्ति_के_लिए_उपाय*

*संतान प्राप्ति के लिए किसी बालक के पहली बार टूटे हुए दूध के दांत को लेकर, जो स्त्री इसे श्वेत वस्त्र में लपेट कर बाईं भुजा से बांधती है उसे संतान प्राप्ति के योग बनते हैं। मनोकामना पूर्ण होने तक प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व बाल-कृष्ण का 15 मिनट तक नियमित ध्यान अनिवार्य है। *जब संतान प्राप्ति के सारे उपाय असफल हो जाये, तो तत्काल फल देने वाली यह साधना अवश्य करें, इससे लाभ प्राप्त होगा। वैष्णों देवी जायें और अर्धकुंवारी गुफा के अंदर बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जाप करें। मंत्र- ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै। *किसी भी गुरूवार को पीले धागे में पीसी कौड़ी को कमर पर बांधने से संतान प्राप्ति का प्रबल योग बनता है। *रविवार को छोड़ कर अन्य सभी दिन निसंतान स्त्रियां यदि पीपल पर दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करते हुए संतान प्राप्ति की प्राथना करें तो अवश्य उनकी इच्छा पूरी होती है। *संतान प्राप्ति के लिए दंपति को अपने घर में नवग्रह शांति पाठ भी अवश्य करवाना चाहिए, इससे सारे दोष नष्ट हो जाएगें। *इच्छित संतान की प्राप्ति के लिए गोपाल यंत्र को अपने घर के पूजा स्थान पर स्थापित करें लेकिन ध्यान रहे कि इस यंत्र का स्थापन करने से पहले इसका विधीवत पंचोपचार पूजन करें। एक रुद्राक्ष की माला को गले में धारण करें, माला से रोजाना इस मंत्र का जाप करें। मंत्र- देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।। *9 वर्ष से कम आयु की कन्याओं के चरण छुने से शीघ्र ही संतान की प्राप्ति होती है। *संतान प्रप्ति के लिए दंपति शिव भगवान का अभिषेक करने से शंकर प्रसन्न हो सुसंतति प्राप्ति का आशीष देते हैं।

Read full post

*यदि आपकी बच्ची कच्ची उम्र में* *किसी लड़के के प्यार के चक्कर* *में पड़ गयी हो या किसी* *गलत रास्ते…

*यदि आपकी बच्ची कच्ची उम्र में* *किसी लड़के के प्यार के चक्कर* *में पड़ गयी हो या किसी* *गलत रास्ते में जा रही हो तो* *सोमवार/शुक्रवार के दिन उसके* *हाथों से कच्चा दूध फाड़ने* *को लगाये एवं उसी दूध के* *बनाये पनीर का थोड़ा भोग* *भगवान को लगाये और बाकी* *परिवार घर में भोजन कर ले।* *ये* *उपाय 9 बार तक करें, इससे* *लड़की के विचार धीरे-धीरे* *घर वालो के साथ मेल* *खाने लगेंगे और उसके मन मे* *आने वाले नकारात्मक विचारों* *का नाश होगा।*

Read full post

*देव मूर्ति की परिक्रमा का महत्व क्यों?*

〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ परिक्रमा करना कोरा अंधविश्वास नहीं, बल्कि यह विज्ञान सम्मत है। जिस स्थान या मंदिर में विधि-विधानानुसार प्राण प्रतिष्ठित देवी-देवता की मूर्ति स्थापित की जाती है उस स्थान के मध्य बिंदु से प्रतिमा के कुछ मीटर की दूरी तक उस शक्ति की दिव्य प्रभा रहती है, जो पास में अधिक गहरी और बढ़ती दूरी के हिसाब से कम होती चली जाती है। ऐसे में प्रतिमा की पास से परिक्रमा करने से शक्तियों के ज्योतिर्मंडल से निकलने वाले तेज की हमें सहज ही प्राप्ति हो जाती है। चूंकि दैवीय शक्ति की आभा मंडल की गति दक्षिणवर्ती होती है, अतः उनकी दिव्य प्रभा सदैव ही दक्षिण की ओर गतिमान होती है। यही कारण है कि दाएं हाव की ओर से परिक्रमा किया जाना श्रेष्ठ माना गया है। यानी दाहिने हाथ की ओर से घूमना ही प्रदक्षिणा का सही अर्थ है। हम अपने इष्ट देवी-देवता की मूर्ति की, विविध शक्तियों की प्रभा या तेज को परिक्रमा करके प्राप्त कर सकते हैं उनका यह तेजदान वरदान स्वरूप विघ्नों, संकटों, विपत्तियों का नाश करने में समर्थ होता है। इसलिए परंपरा है कि पूजा-पाठ, अभिषेक आदि कृत्य करने के बाद देवी-देवता की परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए। कहा जाता है कि प्रतिमा की शक्ति की जितनी अधिक परिक्रमा की जाए, उतना ही वह लाभप्रद होती है। फिर भी कृष्ण भगवान् की तीन परिक्रमा की जाती है। देवी जी की एक परिक्रमा करने का विधान है। आमतौर पर पांच, ग्यारह परिक्रमा करने का सामान्य नियम है। शास्त्रों में भगवान् शंकर की परिक्रमा है। करते समय अभिषेक की धार को न लांघने का विधान बताया गय इसलिए इनकी पूरी परिक्रमा न कर आधी की जाती है और आधी वापस उसी तरफ लौटकर की जाती है।

Read full post

आज करें ये उपाय तो बरसेगा धन

आज शुक्रवार है। शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है। मां लक्ष्मी अपनी अर्चना से जितना प्रसन्न होती हैं उससे अधिक भगवान विष्णु की आराधना से खुश होती हैं।। अत: जल्दी करोड़पति होने की इच्छा रखने वाले लोगों को शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। इससे जल्दी ही सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शुक्रवार के दिन पीले कपड़े में पांच पीली कौड़ी तथा थोड़ी की केसर, एक चांदी के सिक्के के साथ बांधकर अपनी तिजोरी में रखनी चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में घर में धन आना शुरु हो जाता है और पुराने कर्जे भी समाप्त हो जाते हैं। शुक्रवार के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण (घर का उत्तरी-पूर्वी कोना अथना पूजास्थान) में गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। ध्यान रखें, बत्ती में रुई की बाती के स्थान पर लाल रंग के सूती धागा हो तथा दीपक में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। इसका प्रभाव भी तुरंत ही दिखने लगता है। इस दिन गरीबों को सफेद वस्तु या खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए। यदि किसी अपाहिज भिखारी या गाय को भोजन करवा सकें और सबसे अधिक शुभ रहेगा और जल्दी ही मालामाल हो जाएंगे। शुक्रवार को 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाएं तथा उन्हें दक्षिणा (पैसे) तथा पीला वस्त्र देकर विदा करें। इससे मां की कृपा जल्दी प्राप्त होती है। शुक्रवार को श्रीयंत्र का गाय के दूध से अभिषेक करें तथा अभिषेक किए हुए जल का पूरे घर में छिड़काव करें। इसके पश्चात श्रीयंत्र को कमलगट्टे के साथ अपने तिजोरी में रख दें। जल्दी ही घर में धन आने लगेगा। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की भगवान विष्णु के साथ युगल रूप में पूजा करें तथा पूजा के पश्चात छोटे बच्चों अथवा गरीब भिखारियों को भोजन दान करें।

Read full post

उपाय का एक उदहारण

चाँदी अर्थात चंद्र और/या शुक्र, स्फ़टिक यानी शुक्र.. आपको रात के वक़्त चाँदी के गिलास में पानी भरकर स्फ़टिक डुबाकर रखना है और सुबह चम्मच से स्फ़टिक निकालकर वो जल ग्रहण करना है। ये कोई टोटका नहीं है बल्कि वैज्ञानिक आधार को ध्यान में रखकर आपके चंद्र और शुक्र को संयुक्त रूप से बली करने का सर्वोच्च उपाय हैं जो बड़े-बड़े नेता, फिल्मी कलाकार आदि भी करते है, पर बताते नहीं। इस उपाय से रात्र भर "चंद्र-शुक्र" का मिलन होता है जो कि भौतिक सुख के नजरिये से बहुत ही सुखद स्थिति मानी गयी है। इस जलपान से 10-15 दिनों के बाद आपको अपने आप फर्क समझ आने लगेगा, मानसिक शांति बढ़ेगी, क्रोध पर आसानी से नियंत्रण होना शुरू हो जायेगा, धन संजोये रखने के विचार बढेंगे, तामसिक विचार आने अचानक से बंद हो जाएंगे, वाणी में "मिठास" आयेगी,चे हरे के कील-मुहाँसे अलविदा बोल देगे, समाज में आपके "कार्यों" की तारीफ़ होगी परिणामस्वरूप आपकी लोकप्रियता आसमान छूते रहेंगी। मेहनत उतनी ही पर चमत्कारीक परिणाम से आप स्वंय हतप्रभ रह जायेंगे।

Read full post

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि क…

हमारे घर में ही कई ऐसी भाग्यवर्धक चीजें होती है, जिनका प्रयोग करने पर हम स्वयं अपने घर-ऑफिस आदि के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे आसान उपाय जिससे हम सकारात्मक ऊर्जा का विकास कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं, अपना भाग्य जागृत कर सकते हैं। *शास्त्रों के अनुसार धन, सुख और शांति के लिए आजमा लें ये सिद्ध उपाय* *लगातार बुखार आने पर* १. यदि किसी को लगातार बुखार आ रहा हो और कोई भी दवा असर न कर रही हो तो आक की जड लेकर उसे किसी कपडे में कस कर बांध लें ! फिर उस कपडे को रोगी के कान से बांध दें ! बुखार उतर जायगा ! २. इतवार या गुरूवार को चीनी, दूध, चावल और पेठा (कद्दू-पेठा, सब्जी बनाने वाला) अपनी इच्छा अनुसार लें और उसको रोगी के सिर पर से वार कर किसी भी धार्मिक स्थान पर, जहां पर लंगर बनता हो, दान कर दें ! ३. यदि किसी को टायफाईड हो गया हो तो उसे प्रतिदिन एक नारियल पानी पिलायें ! कुछ ही दिनों में आराम हो जायगा ! !! आगे प्रभु इच्छा !!

Read full post