अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) अक्षय विशेष ........ राजिव पटेल प्रिय पाठकों राधे राधे! सर्वप्रथम आइए जानते हैं क्या है अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya), क्या है इस तिथि की मान्यता कैसे मनाई जाती है और आप कैसे मना सकते हैं आज हम अक्षय तृतीया पर चर्चा करेंगे और आपको बताएंगे कि किस प्रकार आप इससे शुभ से अत्यंत शुभ बना सकते हैं, सभी चीजों को तथ्यों से जोड़ने की कोशिश करूंगा। राजिव पटेल.... अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है जोकि इस वर्ष 26 अप्रैल 2020 को पड़ रही है, 11:54 am के बाद 25 अप्रैल को तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी परंतु सूर्योदय के समय द्वितीया होने के कारण और 26 को सूर्योदय के समय तृतीया होने के कारण इसका महत्व और मान्यता कल ही सिद्ध होगी आज के दिन भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव (Parshuram Jayanti) भी मनाया जाता है। अक्षय तृतीया वह तिथि है जिस दिन सतयुग और त्रेता युग की शुरुआत हुई है, अक्षय तृतीया वह तिथि है जिस दिन हमारे पालक श्री हरि विष्णु अपने परशुराम अवतार में प्रकट हुए हैं अक्षय तृतीया वह तिथि है जिस दिन बिना पंचांग देखे भी सारे शुभ कार्य जैसे विवाह (marriage), गृह प्रवेश (house warming ceremony), मुंडन, जनेऊ संस्कार किए जा सकते हैं। इस तिथि की मान्यता कुछ ऐसी है की आज किया गया कोई भी कार्य अक्षय पुण्य देता है अगर पुण्य करें तो, यह जानें कि अगर कुछ ऐसे कर्म जो आपको भविष्य में नुकसान दे सकते हैं यदि ऐसा करेंगे तो उसके भी अक्षय परिणाम ही आपको देखने को मिलेंगे। इसलिए आज के दिन किसी का दिल भी ना दुखायें, सदैव से जब बात आती है अक्षय तृतीया की तो लोगों के मन में एक ही प्रकार का ख्याल आता है कि घूमना फिरना है सोना चांद