एक बार तुलसीदास जी से
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किसी ने पूछा - कभी कभी भक्ति करने का मन नही करता फिर भी नाम जपने के लिये बैठ जाते है क्या उसका कोई फल मिलता है ?
तुलसीदास जी ने मुस्करा कर कहा -
"तुलसी मेरे राम को रीझ भजो या खीज। भौम पड़ा जाने सभी उल्टा सीधा बीज॥"
अर्थातः भूमि मे जब बीज बोये जाते है तो यह नही देखा जाता कि बीज उल्टे है या सीधे पर फिर भी कालांतर मे फसल बन जाती है। इसी प्रकार राम नाम का सुमिरन कैसे भी किया जाये उसके सुमिरन का फल अवश्य मिलता है
!! जय_श्री_राम !! 🙏🙏🙏🙏