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*राहु दोष के लक्षण*:-मोटापेके कारण परेशानी,अचानक दुर्घटना,लड़ाई-झगड़े की आशंका।हर तरह के व्यापार…

*राहु दोष के लक्षण*:-मोटापेके कारण परेशानी,अचानक दुर्घटना,लड़ाई-झगड़े की आशंका।हर तरह के व्यापार में घाटा। *उपाय:-* 1-मां सरस्वती की आराधना करें। 2-"ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः" मंत्र का 1माला जाप करें। 3-तांबेके बर्तन में गुड़,गेहूं भरकर बहते जल में प्रवाहित करें। 4-माता से संबंध मधुर रखें। 5-400ग्रामधनिया,बादाम जल में प्रवाहित करें। 6-घर की दहलीज के नीचे चांदी का पत्ता लगायें। 7-सीढ़ियों के नीचे रसोईघर का निर्माण न करवायें। 8-रात में पत्नी के सिर के नीचे 5मूली रखें,सुबह मंदिर में दान कर दें। 9-मां सरस्वती के चरणों में लगातार 6दिन तक नीले पुष्प की माला चढ़ायें। 10-चांदी की गोली हमेशा जेब में रखें। 11-लहसुन,प्याज,मसूर के सेवन से परहेज करें। *👉केतु दोष के लक्षण:-* बुरी संगत के कारण धन की हानि,जोड़ों के दर्द से परेशानी,संतान का भाग्योदय न होना,स्वास्थ्य के कारण तनाव। *उपाय:-* भगवान गणेश की आराधना करें। 1-ॐ गं गणपतये नम" मंत्र का 1माला जप करें। 2-गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें। 3-कुंवारी कन्याओं का पूजन करें,पत्नी का अपमान न करें। 4-घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ तांबे की कील लगायें। 5-पीले कपड़े में सोना,गेहूं बांधकर कुल पुरोहित को दान करें। 6-दूध,चावल,मसूर की दाल का दान करें। 7-बाएं हाथ की अंगुली में सोना पहनने से लाभ। 8- 43दिन तक मंदिर में लगातार केला दान करें। 9-काले व सफेद तिल बहते जल में प्रवाहित करें। 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

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*सूर्य_का_प्रभाव_स्त्री_पुरूष_के_लिए*

----जन्म के समय व्यक्ति (महिला हो या पुरूष) अपनी #कुण्डली में बहुत से #योगों को लेकर #पैदा होता है। ये योग बहुत अच्छे भी हो सकते हैं या खराब भी हो सकते हैं या फिर #मिश्रित फल देने वाले भी हो सकते हैं। -----कभी कभी व्यक्ति (महिला हो या पुरूष) के पास #सबकुछ होते हुए भी वह परेशान रहता है, #दुखी रहता है। उसे अपनी ही #परेशानियों का कारण नहीं समझ आता तब वह अन्य ज्योतिषियों की सलाह लेता है। एक #उदाहरण के अनुसार कहना चाहूं तो अगर किसी महिला/पुरूष की कुंडली में #सूर्य अच्छा हो तो वह हमेशा #अग्रणी रहती है और निष्पक्ष #न्याय में विश्वास करती है चाहे वो शिक्षित हो या ना हो...कोई फर्क नही पडता बल्कि वो अपनी #बुद्धिमत्ता का परिचय हमेशा देती है। ----लेकिन जब यही सूर्य उसकी कुंडली में #नीच राशि में बैठा हो (सूर्य लग्नेश भी हो तो समस्या ज्यादा) या दूषित हो जाये तो वो महिला/पुरूष अपने #दिल पर एक #बोझ सा लिए फिरती/फिरता है। अन्दर से कभी भी खुश नहीं रहती/रहता और आस पास का माहौल भी #तनाव_पूर्ण बनाये रखती/रखता है। यहां तक कि जो #घटना अभी तक घटी भी ना हो उसके लिए भी पहले से ही परेशान हो कर दूसरों को भी परेशान करती/करता रहती/रहता है। -----बात-बात पर #शिकायतें, #उलाहने उसकी जुबान पर हमेशा बने रहते हैं। धीरे-धीरे दिल पर #बोझ लिए वह एक दिन #रक्त_चाप का मरीज भी बन जाती/जाता है, और न केवल वह बल्कि उसके साथ रहने वाले #दूसरे_लोग भी इस बीमारी से अक्सर #प्रभावित हो जाते हैं। ----दूषित सूर्य वाली महिलायें/पुरूष अपनी ही #मर्जी से दुनियां को चलाने में यकीन रखते हैं और सिर्फ अपने #नजरिये को ही सही मानते हैं, सामने वाला चाहे कितना ही सही क्यों ना हो पर उसे #विश्वास नही

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इस बार रक्षाबंधन पर करें ये उपाय, होगी समस्याएं दूर

4. अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके घर में नकारात्मकता अधिक है तो आप रक्षाबंधन के दिन कपूर को जलाकर उसका धूआं पूरे घर में दे। ऐसा करने से आपके घर की सभी नकारात्मकता समाप्त हो जाएगी। 5. यदि आपको मानसिक अशांति रहती है तो आप रक्षाबंधन के दिन खीर बनाकर रात के समय चंद्रमा को अर्पित करें और साथ ही ऊं सोमेश्वराय नम: मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से आपको जल्द ही मानसिक शांति मिलने लगेगी। 6. अगर आपका विवाह होने में बहुत सारी अड़चने आ रही है तो आप रक्षाबंधन के दिन एक पुराना ताला लें और उस ताले की चाबी अपने पास रखकर उसे रात के समय अपने ऊपर से सात बार उतारकर किसी चौराहे पर फेंक आए।ऐसा करने से आपके विवाह की सभी अड़चने दूर हो जाएगी। 7. यदि आपके जीवन में बहुत अधिक दुर्भाग्य है तो आप रक्षाबंधन के दिन अक्षत लेकर किसी शिव मंदिर में जाएं और शिवलिंग पर इन अक्षतों को चढ़ा दें और भगवान शिव से अपना दुर्भाग्य दूर करने के लिए प्रार्थना करें। 8. अगर आपके जीवन में बहुत अधिक परेशानी रहती है तो आप रक्षाबंधन के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद रंग की मिठाई अवश्य दान करें। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। 9. यदि आपके जीवन में बहुत अधिक धन की समस्या है तो आप रक्षाबंधन के दिन अपने घर में एकाक्षी नारियल अवश्य स्थापित करें। ऐसा करने से आपको मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी। 10. यदि आप रक्षाबंधन के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाती हैं तो आपके घर में सुख और समृद्धि का वास होता है। इसलिए इस दिन मुख्य द्वार पर रंगोली अवश्य बनाए।

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इस बार रक्षाबंधन पर करें ये उपा

Hello Friends,जैसा कि आप सभी को मालूम ही होगा कि रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है। और यह इस साल 3 अगस्त 2020 को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि होती है। रक्षाबंधन यानी राखी का पर्व भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, एक मामूली सा धागा जब भाई की कलाई पर बंधता है, तो भाई अपनी बहन की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने को तैयार हो जाता है। इसी कारण से रक्षाबंधन को उपायों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आप भी अपने जीवन की समस्याओं को कम करना और सुखों को बढ़ाना चाहते हैं तो आप रक्षाबंधन के दिन कुछ टोटको को अपना सकते हैं तो चलिए जानते हैं रक्षाबंधन के टोटके। 1. यदि आपके जीवन में धन की कीं रहती है तो आप किसी ऐसे वट वृक्ष के पास जाएं।जहां एक और छोटा सा वट वृक्ष का पौधा निकल रहा हो। उसके बाद उस पौधे को लाकर अपने घर में किसी गमले में लाकर उसकी रोज सेवा करें। ऐसा करने से आपकी धन की समस्या समाप्त हो जाएगी। 2. अगर आपने किसी को पैसा उधार दिया है और आपको आपका वह पैसा नहीं मिल रहा है तो एक मिट्टी के बर्तन में कपूर लेकर उसे जलाएं और उसके ऊपर एक और बर्तन रख दें। जिससे कपूर का सारा धूंआ उस पर आ जाए। इसके बाद उस किसी कागज पर उस काजल से उधार लिए व्यक्ति का नाम लिखकर किसी भारी पत्थर से उसे दबा दें। 3. यदि आपके घर में कोई भी व्यक्ति अत्याधिक बीमार है तो आप रक्षाबंधन के दिन एक सिक्का लेकर उसे रोगी के ऊपर से उतारकर उसके तकीए के नीचे रख दें और उसके अगले दिन उस सिक्के को किसी बहती नदी में बहा दें। 4. अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके घर में नकारात्मकता अधिक है तो आप रक्षाबंधन के दिन कपूर को जलाकर उसका धूआं पूरे

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29 साल बाद बन रहा है रक्षाबंधन पर दुर्लभ संयोग, पूरी होंगी हर मनोकामनाएं

भाई और बहन के पवित्र और निस्‍वार्थ प्रेम का त्‍योहार रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। कोरोनाकाल में इस साल सभी त्योहारों की रंगत फीकी पड़ गई है इस साल रक्षाबंधन 3 अगस्‍त को पड़ रहा है और इसी दिन सावन का समापन और आखिरी सोमवार भी पड़ रहा है। भद्रा होने के बावजूद इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार विशेष शुभ योग योगों के बीच मनाया जाएगा। रक्षाबंधन पर इस बार 29 साल बाद विशेष संयोग पड़ रहा है। आइए जानते हैं इन योग और संयोग से जुड़ी खास बातें… 29 साल बाद पड़ रहा है दुर्लभ संयोग : इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार सावन के आखिरी सोमवार को मनाया जाएगा। इसी दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी पड़ रहे हैं। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान दीर्घायु योग यानी भाई-बहन दोनों की आयु लंबी हो जाएगी. वहीं दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा। रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को है और इतने सारे शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस मे समसप्तक योग बना रहे हैं. शनि और सूर्य दोनों आयु बढ़ाते हैं. ऐसा संयोग 29 साल बाद आया है. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त : राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होनी चाहिए। भद्रा सूर्यदेव की पुत्री कहलाती हैं, जो किसी भी कार्य के लिए शुभ नहीं मानी जातीं। कहते हैं कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया। 3 अगस्त 2020 को भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है। राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा। दोपहर को 1 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 30

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☀ 01 - Aug - 2020

☀ पंचांग 🔅 तिथि त्रयोदशी 21:56:19 🔅 नक्षत्र मूल 06:48:45 🔅 करण : कौलव 10:17:27 तैतिल 21:56:19 🔅 पक्ष शुक्ल 🔅 योग वैधृति 09:22:37 🔅 वार शनिवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:42:40 🔅 चन्द्रोदय 17:34:59 🔅 चन्द्र राशि धनु 🔅 सूर्यास्त 19:11:40 🔅 चन्द्रास्त 28:04:59 🔅 ऋतु वर्षा ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1942 शार्वरी 🔅 कलि सम्वत 5122 🔅 दिन काल 13:29:00 🔅 विक्रम सम्वत 2077 🔅 मास अमांत श्रावण 🔅 मास पूर्णिमांत श्रावण 🔅 दिशा शूल पूर्व 🔅 राहु काल 09:04:55 - 10:46:02 💥💥💥💥💥💥 *आज का राशिफल* मेष - आज का दिन आपके लिए पुरानी चिंताओं से मुक्ति पाने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का है। किसी बात को लेकर चिंतित हैं तो उसे किसी से शेयर करें। इससे मन भी हल्का होगा और चिंता का हल भी मिल जाएगा। भविष्य को लेकर परेशान न हों, समय के साथ सब कुछ सुलझ जाएगा। आपमें आज ऊर्जा की कमी नहीं है। इसे उचित दिशा में लगाएं। अपनी सेहत का पूरा ख़याल रखें। वृषभ - आज का दिन आपके लिए भावनात्मक परिस्थितियों वाला रह सकता है। आपमें भावनाओं का आवेग ज्यादा रह सकता है। अपने विचारों पर नियंत्रण रखें नहीं तो ऐसी मनःस्थिति में लिए हुए निर्णय गलत हो सकते हैं। अपने समय को महत्त्व दें, आज उसे दोस्तों के साथ व्यर्थ के वार्तालाप में नष्ट न करें। यदि कोई व्यवसाय आरम्भ करने जा रहे हैं तो उससे संबंधित दस्तावेज़ अच्छे से जांच लें।

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*रक्षाबंधन 3 अगस्त में है, 558 साल बाद सावन माह की पूर्णिमा पर गुरु और शनि अपनी-अपनी राशि में रहे…

*रक्षाबंधन 3 अगस्त में है, 558 साल बाद सावन माह की पूर्णिमा पर गुरु और शनि अपनी-अपनी राशि में रहेंगे वक्री* ============================ ✍🏻सोमवार 3 अगस्त को सावन माह की अंतिम तिथि पूर्णिमा है। इसी तिथि पर रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस बार सुबह 9:29 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा के बाद ही बहनों को अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना चाहिए। 9.29 के बाद पूरे दिन राखी बांध सकते हैं। । रक्षाबंधन पर गुरु अपनी राशि धनु में और शनि मकर में वक्री रहेगा।। ऐसा योग 558 साल पहले 1462 में बना था। उस साल में 22 जुलाई को रक्षाबंधन मनाया गया था। इस बार रक्षाबंधन पर राहु मिथुन राशि में, केतु धनु राशि में है। ✍🏻रक्षाबंधन पर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। स्नान के बाद देवी-देवताओं की पूजा करें। *सबसे पहले इंद्राणी ने देवराज इंद्र को बांधा था रक्षासूत्र* असुरों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। देवराज इंद्र और सभी देवता इस समस्या को दूर करने के लिए देवगुरु बृहस्पति के पास पहुंचे। इंद्र ने देवगुरु से कहा कि मैं स्वर्ग छोड़कर नहीं जा सकता, असुरों ने हमें पराजित कर दिया, हमें फिर से युद्ध करना होगा। 👉🏻इंद्र की ये बातें इंद्राणी ने भी सुनी, तब उसने कहा कि कल सावन माह की पूर्णिमा है। मैं आपके लिए विधि-विधान से रक्षासूत्र तैयार करूंगी, उसे बांधकर आप युद्ध के लिए प्रस्थान करना, आपकी जीत अवश्य होगी। अगले दिन देवराज इंद्र रक्षासूत्र बांधकर असुरों से युद्ध करने गए और उन्होंने असुरों को पराजित कर दिया। तब से ही ये पर्व मनाया जाने लगा। 2:- शास्त्रों के अनुसार माँ लक्ष्मी जी ने राजा बली के लिए यह रक्षा सूत्र बाधा। ओर भगवान विष्णु जी राजा बली के द्वारपाल से मुक्त होकर के बापिस बैकुंठ आये।

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*जय श्री कृष्ण*

🌹🌹🌹 *ज्योतिषाचार्य कीर्ति गुप्ता* *8510879261* 💥 ‼️ *दैनिक पंचांगम्* ‼️ *दिनाँक -: 30/07/2020,गुरुवार* एकादशी, शुक्ल पक्ष श्रावण """""""'""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि -------एकादशी 23:49:24,तक पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र -------अनुराधा 07:39:28 योग -------------ब्रह्म 13:14:29 करण --------वणिज 12:30:18 करण ------विष्टि भद्र 23:49:24 वार -------------------------गुरूवार माह ---------------------------श्रावण चन्द्र राशि ------------------ वृश्चिक सूर्य राशि --------------------कर्क रितु -----------------------------वर्षा आयन ------------------दक्षिणायण संवत्सर --------------------- शार्वरी संवत्सर (उत्तर) ------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक) ----2076 शाका संवत ----------------1942 सूर्योदय ----------------05:11:46 सूर्यास्त -----------------07:08:09 दिन काल --------------13:25:23 रात्री काल -------------10:35:08 चंद्रोदय ----------------15:29:11 चंद्रास्त -----------------26:16:14 लग्न ----कर्क 13°10' , 103°10' सूर्य नक्षत्र --------------------पुष्य चन्द्र नक्षत्र ----------------अनुराधा नक्षत्र पाया --------------------रजत *पद, चरण* ने ----अनुराधा 07:39:28 नो ----ज्येष्ठा 13:28:56 या ----ज्येष्ठा 19:19:30 यी ----ज्येष्ठा 25:11:11

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रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होनी चाहिए. कहते हैं कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया. 3 अगस्त को भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है. राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा. दोपहर को 1 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है.  इसके बाद शाम को 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9.30 के बीच में बहुत अच्छा मुहूर्त है.

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*घर की नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिय उपाय*

〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️ जैसा की आप जानते है की हर घर में कोई न कोई वास्तु दोष अवश्य मिलता है ऐसे में घर में कोई न कोई समस्या बनी रहती है। वास्तु दोष से घर में नकारात्मक उर्जा भी इकट्ठी होती रहती है जो घर में कलह का कारण बन जाती है तो साथ ही परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य की हानी पैसे के बचत न होने आदि समस्या उत्पन्न कर देती है। आज कुछ उपाय पोस्ट कर रहा हूँ जिससे आप घर में नकारात्मक उर्जा को खत्म कर सके। 1. एक कटोरी में जल लेकर उसे तीन से चार घंटे के लिए सूर्य की रौशनी में रख दें और फिर उसे भगवान का स्मरण करते हुए पुरे घर में आम या अशोक के पतों से छिडक दें। इसकेलिये आप गौमूत्र या गंगाजल का भी प्रयोग कर सकते है। 2. घर में आप गुग्गूल की धुप जलाकर किसी भी मन्त्र का जप करते हुये पुरे घर में भुमाये ये भी नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर करने का उत्तम उपाय है। 3. शाम के समय घर के सभी कोनो में नमक बिखरा दें और सुबह उस नमक को बाहर फेंक दें कोनों की सफाई करके। नमक को नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने वाला माना गया है। आप पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिला सकते है। 4. घर में हर रोज कुछ समय के भजन कीर्तन अवस्य लगाये या पूजा करते समय घंटी आदि बजाते हुवे मधुर स्वर में भजन गायन करे। 5. शंख की ध्वनी भी इस कार्य के लिय उत्तम मानी जाती है और शंख से घर में जल भी छिडक सकते है। एक अन्य मान्यता के अनुसार घर में शंख रखना शुभ नही माना जाता ये केवल मन्दिर में रखना चाहिए।

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*कॉपी किताबें*

अध्धयन कक्ष में कॉपी किताबों को हमेशा उनकी नियत स्थान बैग या अलमारी में ही सलीके से रखें , यह जरुर ध्यान रखें की पड़ाई की मेज, कुर्सी टूटी न हो , कापी, किताबें फटी न हो उन सभी पर जरा भी धूल मिटटी न रहे ,लगातार वहां पर साफ सफाई होती रहे। कार्य सिद्ध होगा। आगे प्रभु इच्छा! उपरोक्त उपाय विशेषज्ञ के निर्देश द्वारा करें, गलती होने पर हानि भी हो सकती है! !

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. *आवश्यक जानकारी*

23/07/2020 -- हरियाली तीज -- गुरुवार 25/7/2020. -- नागपंचमी -- शनिवार 3/8 /2020. -- रक्षा बंधन -- सोमवार 11/8/2020 -- जन्माष्टमी -- मंगलवर 19/8/2020. -- भादौ अमावय्या --बुधवार 22/8/2020 -- श्री गणेश पूजा --शनिवार 29/8/2020. --एकादशी ज्योति -- शनिवार ( रात्रि जागरन ) 2/9/2020. -- पूणिर्मा--पितृ पक्ष-- बुधवार 17/9/2020 -- अमावस्या-पितरपक्ष गुरूवार 17/10/2020 - नवरात्र -- शनिवार 17/10/2020 - अग्रसेन जयन्ति -- शनिवार 26/10/2020 -- विजय दशमी -- शनिवार 12/11/2020. -- धनतेरस -- गुरूवार 13/11/2020. -- छोटी दिवाली -- शुक्रवार 14/11/2020. -- शुभ दिवाली -- शनिवार 20/11/2020. -- छट पूजा संध्या --शुक्रवार 21/11/2020. -- छट पूजा सुबह -- शनिवार 22/11/2020. -- गौपाष्टमी मैला -- रविवार 25/11/2020. -- देव उठनी ग्यारस- बुधवार ( श्याम बाबा का जन्मोत्सव ) 30/11/2020. - बाबा श्याम छट्टी उत्सव 16/12/2020. -- खरमास -- बुधवार 14/1/2021. -- मकर संक्रांत

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