*शेयर बाजार और हानि का योग*:-
दूसरा भाव धन का भाव होता है! जब दूसरे भाव का संबंध आठवें भाव से बनता है तो अचानक से धन लाभ या धन हानि हो सकती है! ग्यारहवें भाव का जुड़ना धन लाभ को बताता है और बारहवीं का जुड़ना धन हानि को बताता है!
शेयर बाजार के लिए पांचवें भाव की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है!
इस प्रकार यदि दूसरे भाव का संबंध 5 8 12 से बन रहा हो तब जातक को शेयर बाजार से धन हानि का सामना करना पड़ता है!
दशाओं में आने वाले ग्रहों का संबंध जिन भावों से बनता है उनका भी काफी प्रभाव पड़ता है!
तो इस प्रकार किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले अपने विश्वासपात्र ज्योतिषी से अवश्य परामर्श लें! ज्योतिषी का कुछ हजार का फी बचाने के चक्कर में लाखों का नुकसान कभी नहीं करें!
शेयर बाजार का कारक ग्रह राहु होता है! राहु का आपकी कुंडली में लाभ और धन भावों से जुड़ा होना आवश्यक है!
*राहु के कुछ ऐसे प्रभावपूर्ण उपाय होते हैं जो आपको राहु के दुष्परिणामों से बचाते हैं!*