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*कहीं गलत तरीके से तो नहीं सोते आप, जानिए शास्‍त्रों में सोने का सही तरीका क्या बताया गया है*

अच्‍छी सेहत के लिए बेहतर खानपान और सही दिनचर्या के साथ जरूरी है सही दिशा में शयन। शास्‍त्रों में सोने की सही दिशा के निर्देश दिए गए हैं। गलत तरीके से सोने से स्वास्थ्य की हानि होती है और यह बातें वैज्ञानिक रूप से भी साबित हो चुकी हैं। कौन-सी दिशाएं देती हैं आपको स्वास्थ्य लाभ और किन दिशाओं में सिर करके सोने से होता है नुकसान, जानें वास्तु के अनुसार कैसे सोना चाहिए। *उत्तर दिशा में सिर करके सोना अपशकुन* वास्तु विज्ञान के अनुसार, उत्तर दिशा में सिर करके सोना अपशकुन होता है। दरअसल मृत्यु के बाद व्‍यक्ति को उत्तर दिशा की ओर सिर रखकर सुलाया जाता है। ऐसी धारणा है कि उत्तर की ओर सिर और दक्षिण की ओर पैर करके सोने से आयु कम होती है क्योंकि दक्षिण को यम की दिशा माना गया है। *उत्तर दिशा में सिर से यह नुकसान* विज्ञान के अनुसार, पृथ्वी के उत्तर और दक्षिण सिरे में सबसे ज्यादा गुरुत्वाकर्षण बल होता है। पृथ्वी के इन दोनों सिरों के बीच में उत्तर से दक्षिण की ओर चुंबकीय ऊर्जा का संचार होता रहता है। उत्तर की ओर सिर करके सोने पर चुंबकीय ऊर्जा विपरीत दिशा से शरीर में संचार करती है, जिसका शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। *पूर्व में सिर रखना है उत्तम* पूर्व दिशा में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल सबसे कम होता है। इसलिए सोने के समय सिर की दिशा पूर्व में ही रखें। दरअसल, सूरज भी पूर्व की ओर से निकलता है, सनातन धर्म में सूर्य को जीवनदाता और देवता माना गया है। ऐसे में सूर्य के निकलने की दिशा में सिर रखकर सोना वैज्ञानिक और आध्‍यात्मिक दोनों की दृष्टि से श्रेष्‍ठ होगा। *पूर्व में भूलकर भी न रखें पैर*

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📜 दैनिक पंचांग 📜

☀ 24 - Apr - 2020 ☀ Ahmadabad, India ☀ पंचांग 🔅 तिथि प्रतिपदा 10:03:05 🔅 नक्षत्र भरणी 18:39:49 🔅 करण बव 10:03:05 बालव 23:00:27 🔅 पक्ष शुक्ल 🔅 योग आयुष्मान 23:31:39 🔅 वार शुक्रवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 06:11:20 🔅 चन्द्रोदय 07:00:59 🔅 चन्द्र राशि मेष - 25:16:05 तक 🔅 सूर्यास्त 19:04:12 🔅 चन्द्रास्त 20:12:59 🔅 ऋतु ग्रीष्म ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1942 शार्वरी 🔅 कलि सम्वत 5122 🔅 दिन काल 12:52:51 🔅 विक्रम सम्वत 2077 🔅 मास अमांत वैशाख 🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 12:12:00 - 13:03:31 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त : 08:45:54 - 09:37:25 13:03:31 - 13:55:03 🔅 कंटक 13:55:03 - 14:46:34 🔅 यमघण्ट 17:21:09 - 18:12:40 🔅 राहु काल 11:01:09 - 12:37:46 🔅 कुलिक 08:45:54 - 09:37:25 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 15:38:06 - 16:29:37 🔅 यमगण्ड 15:50:59 - 17:27:35 🔅 गुलिक काल 07:47:56 - 09:24:33 ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल पश्चिम ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद ☀ चन्द्रबल 🔅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ 🚩श्री गणेशाय नम:🚩 📜 चोघडिया 🔅चल 06:11:20 - 07:47:56 🔅लाभ 07:47:56 - 09:24:33 🔅अमृत 09:24:33 - 11:01:09 🔅काल 11:01:09 - 12:37:46 🔅शुभ 12:37:46 - 14:14:22 🔅रोग

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ताँबे और लोहे का छल्ला एक साथ न पहने ।

● घर के सभी लोग एक साथ बाहर न निकले ।● घर खाली हाथ वापस न आये । ● पूजा का दीपक रोजाना दो लौग डालकर ही जलाये । ● पूजा के बाद घंटा + शंख अवश्य बजाए । ● नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, वास्तु दोष के प्रभाव को कम करने और आर्थिक उन्नति हेतु, एक नन्हा सा तुलसी का पौधा अपने हाथो से लगाये । ● पक्षीयो के पीने के लिए जल की व्यवस्था करे ● घर के सभी Mirror हमेशा ढककर रखे । ● बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखे । ● सोते समय मस्तक दक्षिण या पूर्व की दिशा मे रखे । ● घर की गृहणी स्नानादि के बाद ही रसोई मे प्रवेश करे । ● गृहणी सुबह-सुबह उठकर मुख्य द्वारपर जल का छिड़काव करे । ● भोजन हमेशा पूर्व दिशा की ओर बैठकर ही करे । ● झाडू हमेंशा दरवाजे के पीछे दक्षिण -पश्चिम की दिशा मे रखे । ● घर मे टूटी-फूटी चीजै यह किसी भी तरह के कबाड़ को न रखे । ● शुक्रवार को खीर जरूर खाये ।

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*-दैनिक पंचांग-*

*पंचांग-दि. 22 अप्रेल 2020* विक्रम संवत 2076 शालिवाहन शक - 1942 संवत्सर - शार्वरी अयन - उत्तरायण ऋतु - वसंत मास - चैत्र पक्ष - कृष्ण तिथी - अमावस्या (अहोरात्र) वार - बुधवार नक्षत्र - रेवती (13:18 तक, बाद मे अश्विनी) योग - विष्कंभ (22:16 तक बादमें प्रिती) करण - चतुष्पाद (18:48 तक बादमें नाग) चंद्र राशि - मीन (13:18 तक, बाद मे मेष ) सूर्य राशि - मेष गुरू राशि - मकर राहु काल - 12.00 से 13.30 तक. *विशेष* इस दिन विष्णुसहस्त्रनाम स्तोत्र पठन एवं पुजन करे. और" बुं बुधाय नमः" इस मंत्रका कम से कम 108 बार जप करे. प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम् | सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् || इस मन्त्र का कम से कम 11 बार जप करें. पानी मे ईलायची डालकर स्नान करे. भगवान विष्णु को खीचडीका का भोग लगावे. सत्पात्री व्यक्तिको हरे मुंग दान करे. घरसे बाहर निकलते समय तील खाकर बाहर निकलने पर ग्रहोकी अनुकूलता रहेगी. **आज के दिन कद्दु की सब्जी एवं पदार्थ न खावे. **आज के दिन हरे वस्त्र धारण करे. विषेश मुहुर्त -->> अमृत मुहूर्त-- सुबह 08.00 से 09.30 तक.  लाभ मुहूर्त-- दोपहर 04.30 से शाम 6:00 बजे तक

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चौथे भाव में स्थित शुक्र दो पत्नियों की संभावना को मजबूत करता है नहीं होगी तो एक्स्ट्रा मेरिटल अफ…

चौथे भाव में स्थित शुक्र दो पत्नियों की संभावना को मजबूत करता है नहीं होगी तो एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर की संभावना रहती है चौथा शुक्र एक वहम कायम रखता है कि कुछ ना हो तो भी दिखने में लोगो को रईस लगेगा जातक को वैसे धन भी देता है । यदि बृहस्पति दसम भाव में हो और शुक्र चौथे भाव में हो और जातक धार्मिक बनने की कोशिश करेगा तो हर तरफ से प्रतिकूल परिणाम मिलेंगे।कारण कि चौथा घर दसवें को देखता है इसलिये शुक्र बृहस्पति के मेल से शनि बनेगा ओर दसवें शनि वालों को या बृहस्पति वालों को धार्मिक होने के लिये मना करते हैं । यदि जातक ने कुएं के ऊपर छ्त बना रखी है या मकान बना रखा है तो चौथे भाव में बैठा शुक्र पुत्र प्राप्ति की संभावना को कमजोर करता है।कारण कि कुंआ पताल है छठा घर जो केतु का है ओर शुक्र चंद्र वैसे ही केतु नीच करते हैं तो केतु को ज्यादा छेड़ देंगे तो खराब करेगा नर संतान का कारक होने से दिक्कत देगा बुध से संबंधित व्यापार भी नुकशान देय होता है।कारण कि बुध शुक्र का मित्र ह मगर चंद्र का दुश्मन इसलिये बुध की कमाई घर में नुकसान देगी यदि जातक शराब पीता है तो शनि विनाशकारी प्रभाव देगा॥ मंगल से संबंधित व्यापार जातक के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि मंगल चंद्रमा का मित्र है ॥ चंद्रमा चलायमान है तो घूमने फिरने वाले काम ज्यादा रास आएंगे ॥ लग्न में गुरु हो ओर चौथे शुक्र हो तो सास बहू में किट किट होती रहेगी ॥

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एक बार तुलसीदास जी से

किसी ने पूछा - कभी कभी भक्ति करने का मन नही करता फिर भी नाम जपने के लिये बैठ जाते है क्या उसका कोई फल मिलता है ? तुलसीदास जी ने मुस्करा कर कहा - "तुलसी मेरे राम को रीझ भजो या खीज। भौम पड़ा जाने सभी उल्टा सीधा बीज॥" अर्थातः भूमि मे जब बीज बोये जाते है तो यह नही देखा जाता कि बीज उल्टे है या सीधे पर फिर भी कालांतर मे फसल बन जाती है। इसी प्रकार राम नाम का सुमिरन कैसे भी किया जाये उसके सुमिरन का फल अवश्य मिलता है !! जय_श्री_राम !! 🙏🙏🙏🙏

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 21 अप्रैल 2020* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - चैत्र)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - चतुर्दशी 22 अप्रैल प्रातः 05:37 तक तत्पश्चात अमावस्या* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद सुबह 10:23 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - वैधृति रात्रि 09:27 तक तत्पश्चातम विष्कम्भ* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:36 से शाम 05:11 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:16* ⛅ *सूर्यास्त - 18:58* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - मासिक शिवरात्रि* 💥 *विशेष - चतुर्दशी और अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *अमावस्या* 🌷 🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)* 🙏🏻 *शनि और पितृदोष से छुटकारा पाने के लिए उड़द या उड़द की छिलकेवाली दाल, काला कपड़ा, तला हुआ पदार्थ एवं दूध गरीबों में दान करें ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए* 🌷 🏡 *घर में हर अमावस्या अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।* 🙏🏻

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नाखूनों से पता लगाएं, शरीर की बीमारियां!*

*----------------------------------------* नाखून सिर्फ हाथों और पैरों की खूबसूरती ही नही बढाते बल्कि इनसे शरीर के स्वस्थ्य के बारे में इनसे जानकारी मिलती है। पुराने जमाने में बहुत से वैध नाखूनों को देखकर ही रोगों के बारे में बता देते थे। कुछ विशेषज्ञों का कहना है है कि इंसान को कोई भी बीमारी होने पर उसके नाखून इसके संकेत दे देते हैं। *तो आइए जानते हैं नाखून के रंग बदलने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती है…* 1. *सफेद लाईन नाखून* कुछ लोगों के नाखूनों पर सीधी, आड़ी या किसी भी तरह का सफेद लाइन हो तो इससे शरीर में प्रोेटीन की कमी होने को संकेत मिलती है। जिससे कीडनी या लीवर से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इससे कैंसर जैसे रोग होने का भी संकेत मिलता है। 2. *कमजोर नाखून* ऐसे नाखून जो आसानी से टूट जाते हैं या फिर जिसमें दरार भी दिखाई दे तो इसका मतलब आपको थायराइड की समस्या है 3. *पीले नाखून* ऐसे नाखून जिसके नीचे काली सी या पीली काई सी जमी हुई दिखाई देती है तो इसका मतलब है कि अनीमिया या दिल से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। 4. *सफेद नाखून* अगर नाखून सफेद हैं या इन पर धब्बे दिखाई दे तो लिवर के रोग होने की संभावना हो सकती है। 5. *ऊपर की तरफ उभरे हुए नाखून* नाखून अगर ऊपर की तरफ ऊभरे हुए हो तो फेफड़ों और आंतों में सूजन हो सकती है। 6. *अंदर मुड़े नाखून* अंदर की तरफ मुड़े नाखूनों से ब्लड और आयरन की कमी होने का संभावना रहती है। 7. *चम्मच की तरह मुड़े नाखून* अगर इस तरह से नाखून मुड़े हुए हो तो आनुवंशिक रोग और ट्रॉमा की स्थिति हो सकती है। 8. *शुष्क चमड़ी* रूखे सूखे नाखून होना शरीर में पानी की कमी का संकेट देते हैं।

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*अंक 2 का रहस्य*

अंक 2 का स्वामी ग्रह है चन्द्रमा जो की शीतलता और चंचलता का प्रतिक है. अंक 2 वाले व्यक्ति वो होते हैं जिनका जन्म महीने की 2, 20 , 11 और 29 तारीख को हुआ हो. ऐसे व्यक्तियों के लिए रविवार, सोमवार और शुक्रवार भी अच्छा होता है अतः अगर इस दिन ये अपना कार्य आरंभ करे तो निश्चित ही इनके लिए शुभ होगा. चन्द्रमा के प्रभाव के कारण अंक 2 वाले व्यक्ति चंचल और भ्रमणशील होते हैं. अस्थिरता इनको घेरे रहती है अतः ये इनके लिए एक कमजोरी होती है. ये लोग किसी भी कार्य को लगातार नहीं कर सकते हैं जिसके कारण सफलता मिलते मिलते कई बार रह जाती है. अगर धैर्य का गुण ये विकसित कर ले तो निश्चित ही सफलता इनके कदम चूम सकती हैं. इनके लिए भाग्यशाली रंग हलके होते हैं अतः इनको सफ़ेद या क्रीम रंगों का स्तेमाल करना चाहिए. अगर भाग्यवश कुंडली में चन्द्रमा शुभ हो और बलवान भी तो क्या कहना ऐसा जातक निश्चित ही अपने जीवन में बहुत सुख उठाता है. अंक 2 वाले व्यक्तियों को सफ़ेद हकिक, मोती, आदि रत्न धारण करना चाहिए, ये इनके लिए शुभता लाता है. धातु में चांदी इनके लिए शुभ है और भाग्योदय में सहायक है. ऐसा भी देखा गया है की चन्द्रमा के बल बढने के साथ साथ ऐसे लोगो का बल भी बढता है और चन्द्रमा के घटने के साथ साथ इनका भी बल घटता है. अतः ऐसे लोगो को अपना कार्य शुक्ल पक्ष प्रारंभ करना चाहिए जिससे की चन्द्र का बल मिलता रहे और पूर्णिमा के आसपास ये अगर अपना कार्य करे तो अवश्य ही लाभ होगा. अंक 2 वाले व्यक्तियों का भाग्योदय जल स्त्रोत के पास भी होता हुआ अनुभव में आता है. 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

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*1 अंक का रहस्य*

जिस प्रकार सूर्य ग्रहों में राजा है उसी प्रकार अंक 1 अंको में राजा है और इसका स्वामी ग्रह है सूर्य. जिनका जन्म 1, 28, 19 तारीख को होता है उन पर एक अंक का प्रभाव होता है. ये अंक बहुत ही सकारात्मक है और व्यक्ति के अन्दर महत्त्वकांक्षाओ को बड़ा देता है. 1 अंक वालों का सम्बन्ध 2, 4 और 7 अंको वालो से अच्छा होता है. इनके लिए रविवार और सोमवार अच्छा होता है क्यूंकि इन वारो का अंक इनसे मिलते हैं. इनके लिए पीले रत्न शुभ होते हैं. सोना और ताम्बा धातु भी इनके लिए शुभ होते हैं. अंक 1 वाले लोग रचनात्मक होते हैं और अपने जिम्मेदारियो को अच्छी तरह निभाने में सक्षम होते हैं. सूर्य के प्रभाव के कारण इनको दबाना आसान नहीं होता है. कुछ हद तक क्रोध भी इनको परेशान करता है. ऐसे लोग अध्यात्मिक भी होते हैं और समाज में सम्मान भी पाते हैं. प्रबंध करने में ये कुशल होते हैं और घूमना भी इन्हें पसंद होता है. अगर अंक एक वाले लोग अपने कार्य रविवार या सोमवार को शुरू करे तो इनको बहुत लाभ हो सकता है. ऐसे लोग अगर पीले वस्त्र धारण करे या सुनहरे कपडे पहने तो भी इनको लाभ होगा. इसमें कोई शक नहीं की अगर कुंडली में भी सूर्य ऐसे व्यक्ति का शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति राजा के समान होते हैं. मान, सम्मान, धन ऐश्वर्य इनके कदम चुमते हैं. सूर्य का रत्न माणिक्य भी इनके लिए शुभ फलदाई है. पर किसी भी प्रकार के रत्नों और यंत्रो का प्रयोग करने से पहले अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेना चाहिए. 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

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*अंक 4 का रहस्य*

अंक 4 में हम उन लोगो को लेते हैं जिनका जन्म महीने के 4, 13, 22 , 31 तारीख को हुआ हो. इनका दिमाग बहुत ही तार्किक होता है जिसके कारण बहस में इनसे जीतना संभव नहीं होता है. ऐसा भी देखा गया है की राहू के कारण ऐसे लोग परा विज्ञान के क्षेत्र में भी खोजबीन करते रहते हैं. तंत्र, मंत्र , यन्त्र आदि में भी इनकी रूचि होती है और ये सफल भी होते हैं. किसी भी चीज के बारे में कुछ अलग हट के सोचना इन लोगो का स्वभाव होता है जिसके कारण इनके शत्रु कब कौन बन जाता है ये पता ही नहीं चलता. अपने वृहद् सोच के कारण ऐसे लोग समाज में क्रान्ति लाने में भी आगे रहते हैं. ये लकीर के फकीर नहीं होते हैं. किसी भी घटना के पीछे क्या है, इसे ये लोग भली प्रकार से समझ सकते हैं. ऐसे लोग थोड़े वैरागी भी होते हैं और वर्तमान में भरोसा रखते हैं. ये किसी से ज्यादा अपेक्षा नहीं रखते हैं परन्तु भवुक होते हैं जिसके कारण इनको बुरा भी जल्दी लगता है. इनको अकेला रहना भी पसंद है. ये अपनी ही दुनिया में मस्त रहना जानते हैं और इनको वो पसंद भी है. हल्का नीला रंग इनके लिए शुभ है, धातु में पञ्च धातु और रत्नों में गोमेद इनके लिए शुभ है. नीलम भी इनको अच्छा फल देता है. राहू अगर कुंडली में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति निश्चित ही जीवन में सफल होता है और अलग हटके नाम करता है वही दूसरी और राहू के खराब होने पर आपको कई प्रकार के भयानक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. अतः अच्छे ज्योतिष द्वारा समाधान जरुरी होता है। 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

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16 अप्रैल 2020, गुरुवार के शुभ मुहूर्त

प्रस्तुत हैं आज के मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020 अयन- उत्तरायण मास- वैशाख पक्ष-कृष्ण संवत्सर नाम- प्रमादी ऋतु- ग्रीष्म वार-गुरुवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-नवमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-श्रवण योग (सूर्योदयकालीन)- साध्य करण (सूर्योदयकालीन)- गरज लग्न (सूर्योदयकालीन)- मेष शुभ समय- 6:00 से 7:30, 12:20 से 3:30, 5:00 से 6:30 तक राहुकाल-दोप. 1:30 से 3:00 बजे तक दिशा शूल-दक्षिण योगिनी वास-पूर्व गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र स्थिति-तुला व्रत/मुहूर्त-वाहन क्रय मुहूर्त यात्रा शकुन- बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें। आज का मंत्र- 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:। आज का उपाय- मंदिर में केसर चढ़ाएं। वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

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