*कुंडली के केंद्र भाव*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 1- सूर्य के केंद्र में होने से व्यक्ति राजा का सेवक, चंद्रमा केंद्र में हो तो व्यापारी, मंगल केंद्र में हो तो व्यक्ति सेना में काम करता है । * 2- मंगल केंद्र में हो तो व्यक्ति सेना की नौकरी करने वाला होता है । 4- बुध के केंद्र में होने से व्यक्ति अध्यापक तथा गुरु के केंद्र में होने से व्यक्ति ज्ञानी होता है ।
5- गुरु के केंद्र में होने से व्यक्ति ज्ञानी एवं धर्मकर्म के कार्य करने वाला होता है ।
6- शुक्र के केंद्र में होने पर धनवान तथा विद्यावान होता है ।
7- शनि के केंद्र में होने से व्यक्ति बुरे लोगों की सेवा करने वाला होता है ।
8- यदि केंद्र में उच्च का सूर्य हो तथा गुरु केंद्र में चौथे भाव में बैठा हो तो व्यक्ति सभी सुख और मान-सम्मान प्राप्त करता है । 9- अगर केंद्र में कोई ग्रह न हो तो ऐसी कुंडली को शुभ नहीं माना जाता है और ऐसा व्यक्ति जीवन भर कर्ज से परेशान रहता है ।
यह उपाय करें
जिस किसी कि कुंडली ऐसे योग बने है वे जातक शिवजी की उपासना करें एवं सोमवार का व्रत करें, 51चांदी के नाग नागिन के जोड़े बहते पानी मे बहा देवे भगवान शिव पर चांदी का एक छोटा सा नाग अर्पण करें, एवं 108 बिल्व पत्रों से हवन कुंड में आहूतियां दें, और किसी गरीब को भोजन करावें ।