बुध ग्रह - Mercury's 🌴🌳🌿
बुध की बात करे तो यह विष्णु स्वरूप ही है सत्य सात्विक ग्रह है वैश्य जाती का है और खेल , कूद , हास्य विनोद , तन्त्र मन्त्र आदि में जिसका बुध बलबान हो तो उसकी रुचि होती है यह विद्या बुद्धि आदि का कारक है यह बाल अवस्था का ग्रह है और त्रिदोष से युक्त है और इसकी राशि मिथुन और कन्या है जो कि छाती ,बाजु , श्वास नली की कारक है यह शुभ ग्रह माना गया है पर यह जिस के साथ हो वैसे ही हो जाता है मतलब शुभ के साथ शुभ और अशुभ के साथ हो जाता है अकेला किसी भी राशि मे हो कुछ ना कुछ शुभ होता है चन्द्रमा जैसे हमारी मानसिक स्थित आदि का कारक है वैसे ही बुध हमारी बुद्धि का कारक है यह पीड़ित हो तो पागल पन आदि देता है यह भी राहु केतु की तरह अचानक फल देता है और इसकी जब दशा आये तो यह अपना जो अच्छा या बुरा फल देने है वो दशा लगते ही दे देता है क्योंकि यह कुमार अवस्था का ग्रह है यह शुद्ध सात्विक ग्रह है जब यह विद्या आदि अंगों को प्रभावित करे तो यह सात्विक और धार्मिक विद्या देता है नपुंसक ग्रह है यह जब शनि के साथ 7 स्थान में हो तो यह नपुंसक भी बना देता है सभी ग्रहों की किसी ग्रह विशेष के साथ शत्रुता होती है ऐसे ही इसकी मंगल के साथ शत्रुता है जब मंगल की दृष्टि इसकी राशि आदि पे हो तो हमे समझना चाहिए कि उस भाव सम्बंधित चीजो से हानि होगी , यह प्रथम स्थान में दिग्बली होता है जब बुध की दशा हो तो हमे विद्या की प्राप्ति तो होती है यह बुआ आदि हमारी उनका कारक है और व्यवसाय आदि का कारक यही है जब यह बलबान हो तो व्यक्ति व्यवसाय आदि में विशेष सफलता पाता है