#दूरदर्शिता #का #अभाव#
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पंचम भाव का स्वामी अगर अष्टम में बैठ जाये तो जातक की निर्णय क्षमता कमजोर होगी । वो कितनी भी अच्छी प्लानिंग कर ले उसमे त्रुटि होगी और परिणाम गलत मिलेंगे । ऐसा तब भी होगा जब पंचमेश छठे या बारहवे हो ।
पंचम भाव का स्वामी अगर अष्टम में बैठ जाये तो जातक की निर्णय क्षमता कमजोर होगी । वो कितनी भी अच्छी प्लानिंग कर ले उसमे त्रुटि होगी और परिणाम गलत मिलेंगे । ऐसा तब भी होगा जब पंचमेश छठे या बारहवे हो ।