जातक की जन्म कुंडली मे ⬇️ नीच राशि मे भावस्थ ग्रहों से जाने..
जातक कि गत् जन्म कि.. अचूक कि गई गँलतिओ का ब्योरा.. 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
✅1.यदि जन्मपत्रिका में 🌜चंद्रमा नीच 【८-वृश्चिक】राशि का है, तो जातक पूर्व जन्म में माता या मातृतुल्य किसी महिला को कष्ट देकर आया है एवं किसी का मन मारकर आया है।
✅2.यदि किसी जातक का 🌞सूर्य ⬇️नीच 【७-तुला】 राशि का है तो वह व्यक्ति डत जन्म मे पिता को कष्ट देकर आया है, या अपनी आत्मा को मार कर (आत्महत्या) कर के आया है।
✅3.यदि 🔴मंगल किसी का नीच राशि का है तो व्यक्ति अपने ★पराक्रम का दुरुपयोग करके या ★निर्दोष की हिंसा करके या ★बंधु बांधवों को कष्ट देकर आया है।
✅4.यदि किसी जातकज.कुंडली मे का🟡 गुरू⬇️ नीच राशि【१०-मकर】 का है तो व्यक्ति गुरु तुल्य जन या संतान को कष्ट देकर व महिला जातीका पति का व बच्चों का दिल तोड़ कर आई है।
✅5.यदि किसी जातक का 🟢बुध ⬇️नीच राशि 【१२-मिन】 का है तो जातक व्यापार मे धोखा देकर आया है या स्त्री/मातृपक्ष को कष्ट देकर आया है।
✅6. ⚪शुक्र यदि ⬇️नीच राशि【६-कन्या】 का है तो जातक.. गत् जन्म मे ★धन वैभव का दुरुपयोग करके आया है, या ★किसी स्त्री, या ★अपनी पत्नी को छल कर आया है।
✅7.यदि ज.लग्न कुंडली मे 🔵शनि ⬇️नीच 【१-मेष】राशि का है तो जातक न्याय की जगह अन्याय कर के आया है।
✅8.यदि छाया ग्रह ⬇️नीच राशि【३-मिथुन का केतु/९-धनु मे राहु】 में हो तो व्यक्ति ★किसी श्रमिक या ★भिक्षु या ★संत फकीर को कष्ट देकर या ★उनकी वस्तु का हरण करके आया है।
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️हरिः ओउम्🔔〰️〰️〰️〰️*