शीघ्र विवाह हेतु मंत्र
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणिम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम।।
यह मंत्र दुर्गा सप्तशती से उद्घृत है। शादी की कामना करने वाले पुरुष जातकों को स्नान के बाद 11 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे उनकी कामना पूर्ण होगी। यह शीघ्र विवाह का अचूक उपाय है।
“ॐ गं गणपतै नमः”
इस मंत्र को जपने से पहले बुधवार के दिन पीतल से बनी गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर पंचोपचार विधि से पूजन करें। उसके बाद 21 बार इस मंत्र का जाप करें और जाप के बाद पंचामृत को पीपल के पेड़ में चढ़ाएँ। यह जल्दी शादी होने का अहम उपाय है।
“ॐ सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा”
मंगलवार के दिन लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा को घर में स्थापित करें उसके बाद पंचोपचार विधि से पूजन के उपरांत इस मंत्र का 21 बार जाप करें।
“ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नामः”
सोमवार को शिव मंदिर में पाँच नारियल चढ़ाएँ और इस मंत्र की 5 बार माला फेरें। ध्यान रखें, यह मंत्र विशेष रूप से कन्याओं के लिए है।
“क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा”
उक्त मंत्र का 108 बार जाप करने से अविवाहित कन्या अथवा वर का शीघ्र विवाह संपन्न हो जाता है। इस मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम:”
प्रत्येक गुरुवार के दिन इस मंत्र को उच्चारित करते हुए पाँच बार माला फेरें। इससे अविवाहित जातकों का विवाह शीघ्र होता है।