लो शू ग्रिड में शताब्दि अंक लेने पर भी पूरे नौ अंक प्राप्त नहीं होते। किसी भी अंक का ना होना मिसि…
लो शू ग्रिड में शताब्दि अंक लेने पर भी पूरे नौ अंक प्राप्त नहीं होते। किसी भी अंक का ना होना मिसिंग नंबर कहलाता है किसी भी अंक के न होने का प्रभाव क्या होता है
यदि किसी के अंक चक्र में 1 का अंक नहीं है तो उसे जीवन में आगे बढ़ने के लिये दूसरे व्यक्ति का परामर्श या सहारा चाहिए होता है
यदि किसी के अंक चक्र में 2 का अंक नहीं है तो वह अपनी बात आत्मविश्वास से नहीं कह पाएगा।
यदि अंक चक्र में 3 अंक न हो तो गुरु जनों व ईश्वर की कृपा कम प्राप्त होती है। अधिक मेहनत करने के बाद उद्देश्य की प्राप्ति होती है।
यदि अंक चक्र में 4 न हो तो व्यक्ति अपने विचारों में उलझा रहता है और वह व्यक्ति दिशाहीन हो जाता है।
अंक 5 न होने पर व्यक्ति वार्तालाप करने में असफल, पढ़ने में मन न लगना व पैसे का अभाव बना रहता है
अंक 6 न होने पर भौतिक तथा पारिवारिक सुख व भोग विलास की कमी रहती है।
अंक चक्र में यदि 7 अंक न हो तो व्यक्ति के कामों व पढ़ाई में रूकावट आयेगी। यह अंक मध्यम में होने के कारण सभी अंकों का आधार अंक है।
यदि अंक चक्र में 8 अंक न हो तो व्यक्ति में निर्णय शक्ति की कमी व उसे भौतिक साधनों का अभाव रहता है।
यदि अंक चक्र में 9 अंक न हो तो व्यक्ति को शौर्य की कमी रहती है। जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है व सुख साधन असानी से प्राप्त नहीं होते।