🌻शुक्रवार, १७ जुलाई २०२०🌻
सूर्योदय: 🌄 ०५:३५ सूर्यास्त: 🌅 ०७:२१ चन्द्रोदय: 🌝 २६:५८ चन्द्रास्त: 🌜१६:२३ अयन 🌕 उत्तरायणे (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 श्रावण पक्ष 👉 कृष्ण तिथि: 👉 द्वादशी (२४:३३ तक) नक्षत्र: 👉 रोहिणी (२०:२८ तक) योग: 👉 वृद्धि (२४:०० तक) प्रथम करण: 👉 कौलव (१२:१३ तक) द्वितीय करण: 👉 तैतिल (२४:३३ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कर्क चंद्र 🌟 वृष मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 मिथुन (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (अस्त, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५५ से १२:५० अमृत काल: 👉 १७:०३ से १८:४६ होमाहुति: 👉 केतु दिशा शूल: 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल: 👉 पश्चिम (२०:२८ तक) चन्द्र वास: 👉 दक्षिण दुर्मुहूर्त: 👉 ०८:१६ से ०९:११ राहुकाल: 👉 १०:४० से १२:२३ राहु काल वास: 👉 दक्षिण-पूर्व यमगण्ड: 👉 १५:४९ से १७:३२ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दहीलस्सी अथवा राई का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰