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Astrologer Rajeev patel

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Fresh stories, announcements and offers about Astrologer, straight from our business.

🌻शुक्रवार, १७ जुलाई २०२०🌻

सूर्योदय: 🌄 ०५:३५ सूर्यास्त: 🌅 ०७:२१ चन्द्रोदय: 🌝 २६:५८ चन्द्रास्त: 🌜१६:२३ अयन 🌕 उत्तरायणे (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 श्रावण पक्ष 👉 कृष्ण तिथि: 👉 द्वादशी (२४:३३ तक) नक्षत्र: 👉 रोहिणी (२०:२८ तक) योग: 👉 वृद्धि (२४:०० तक) प्रथम करण: 👉 कौलव (१२:१३ तक) द्वितीय करण: 👉 तैतिल (२४:३३ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कर्क चंद्र 🌟 वृष मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 मिथुन (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (अस्त, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५५ से १२:५० अमृत काल: 👉 १७:०३ से १८:४६ होमाहुति: 👉 केतु दिशा शूल: 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल: 👉 पश्चिम (२०:२८ तक) चन्द्र वास: 👉 दक्षिण दुर्मुहूर्त: 👉 ०८:१६ से ०९:११ राहुकाल: 👉 १०:४० से १२:२३ राहु काल वास: 👉 दक्षिण-पूर्व यमगण्ड: 👉 १५:४९ से १७:३२ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दहीलस्सी अथवा राई का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰

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हस्त रेखा और कुंडली के भाव।

जीवन रेखा:जीवन रेखा वृहस्पति पर्वत के पास से निकल कर शुक्र पर्वत के नीचे से होती हुई मणि बन्ध तक जाती है। इसी रेखा के ऊपरी भाग में मंगल पर्वत के निचले भाग मे,लम्बाई से कम,समानांतर मंगल रेखा होती है।इन दोनो रेखाओ से अष्टम भाव यानी उम्र का पता लगता है। सफलता रेखा:यह रेखा सुर्य पर्वत प्र होती है तथा ज्यादातर हृदय रेखा तक जाती है। इससे इम्तिहान में सफलता का बोध होता हैं यानी पंचम स्थान का ज्ञान होता है । भाग्य रेखा: यह रेखा जीवन रेखा से निकलकर उसके निचले भाग से मस्तिष्क तथा उसके निचले भाग को काटती हुई शनि पर्वत पर मध्यमा तक जाती है। यही ज्योतिष मे नवम भाव है । स्वश्थ्य रेखा: यह रेखा बुध पर्वत पर होती है तथा हृदय रेखा तक जाती है। इससे कुंडली मे प्रथम भाव को जानना चाहिए। शादी की रेखा:यह रेखा बुध पर्वत पर और स्वास्थ रेखा से आड़ी,हथेलीके निचले भाग मे है। इससे कुंडली मे सप्तम भाव का पता लगता है । मंगल पर्वत ( नीचे वाले) पर चिन्ह: यह शत्रुओ तथा बिमारियों से होने वाली तकलीफ़ो का घोतक है। यही कुंडली का छठा स्थान है । त्रिकोण:जीवन रेखा,हृदय रेखा तथा मस्तिष्क रेखाओ के बीच मे जो त्रिकोण बनते हैं,उनसे माकानो का पता लगता है । यही कुंडली मे चोथा स्थान है । मच्छ रेखा: यह जीवन रेखा के अन्त मे,ऊपरी तरफ,मनीबंध के करीब से निकलकर,मछली की तरह होती है। इससे धन का पता लगता है। यह दुसरा स्थान है । भाई-बहन की रेखायें: शुक्र पर्वत पर जीवन रेखा के ऊपरी भाग मे जितनी आड़ी रेखाये है,उनसे भाई-बहन का पता चलता है । यह कुंडली का तीसरा स्थान है। सन्तान रेखाएँ: चन्द्र पर्वत के नीचे,हथेली के बाये भाग मे आड़ी रेखाएँ है

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*आज का पंचांग और राशिफल*

*16 -जुलाई - 2020 ,गुरुवार* ➖➖➖➖➖➖➖➖➖🙏 *16-जुलाई-2020* *वार:-गुरुवार* *माह:-श्रावण* *पक्ष :-कृष्णपक्ष* *तिथी :- एकादशी - 11:59 पी एम तक तत्पश्चात -द्वादशी* *नक्षत्र:- कृत्तिका - 07:08 पी एम तक तत्पश्चात - रोहिणी* *योग:-धृति-गण्ड-12:34 ए एम,जुलाई 17* *प्रथम करण:- बव - 11:21 ए एम तक द्वितीय करण -बालव - 11:59 पी एम तक* *चन्द्रमा:- वृषभ* *सूर्योदय:-05:18* *सूर्यास्त:- 19:01* *दिशाशूल:-दक्षिण* *ऋतु :-वर्षा ऋतु* *गुलीक काल:-8:44 ए एम-* *से 10:27 ए एम तक* *राहू काल:-1:53 पी एम-* *से 03:35 पी एम तक* *अभीजित:-11:42 ए एम-* *से 12:37 पी एम तक* *विक्रम सम्वत ........2077* *शक सम्वत .......... 1942* *संवत्सर नाम .........प्रमादी* ==================== *🌞दिन का चौघड़िया🌞* 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁 *शुभ-5:18 ए एम से-* *07:01 ए एम तक* *चंचल-10:27 ए एम से* *12:10 पी एम तक* *लाभ-12:10 पी एम से-* *01:53 पी एम तक* *अमृत - 01:53 पी एम-* *से 03:35 पी एम तक* *🌙रात्रि का चौघड़िया* 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁 *अमृत:-7:01 पी एम से 08:18 पी एम तक* *चंचल:-8:18 पी एम से 09:36 पी एम तक* *लाभ:- 12:10 ए एम से 1:27*ए एम जुलाई 17 तक* *शुभ:- 02:44 ए एम से-* *4:02 ए एम,जुलाई 17 तक* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *मेष (चु, चे, चो, ला, लि, लु, ले, लो, अ) :- अधूरे पड़े कार्य *पूरे हो सकते हैं। नयी योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। परिजनों के साथ संवादहीनता कम करने की आवश्यकता है। खर्च बढ़ने से बजट गड़बड़ा सकता है।* *वृषभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वि, वु, वे, वो) :- अपना काम समय पर करने की कोशिश करें। सगे-सम्बन्धियों का घर में आगमन हो सकता है। शुभ और अनुकूल समाचार मिल सकते हैं।*

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चर्म रोग

शास्त्रो मे सबसे बडा सुख कहा जाता है तो निरोगी काया जब शरीर स्वस्थ हो तो संसार का हर सुख प्राप्त किया जा सकता है और अगर शरीर ही अवस्थ है तो कुछ भी मील जाऐ कोई काम का नही रह जाता संसार मे रोग तो बहुत है पर उन रोगो मे से बात करते हैं चर्म रोग कई तरह से होता है जीसमे कुछ ज्योतिष कारण भी है शरीर की चमड़ी का कारक ग्रह बुध होता है। कुंडली में बुध की स्थिति से कुंडली में बुध जितनी उत्तम अवस्था में होगा, जातक की चमड़ी उतनी ही चमकदार एवं स्वस्थ होगी। यदि कुंडली में बुध पाप ग्रह राहु, केतु या शनि के साथ किसी भी भाव में बैठा हो या दृष्टि से सम्बन्ध बन रहा हो तो चर्म रोग होने के पूरे आसार बनेंगे। इसमें रोग की तीव्रता ग्रह की प्रबलता पर निर्भर करती है। या ग्रह किस नक्षत्र में कितना प्रभावशाली है यह भी रोग की भीषणता बताता है क्योंकि एक रोग सामान्य सा उभरकर आता है और ठीक हो जाता है। दूसरा रोग लंबा समय लेता है, साथ ही जातक के जीवन में चल रही महादशा पर भी निर्भर करता है। : यदि मंगल किसी भी तरह से पाप ग्रहों से ग्रस्त हो, नीच हो, शत्रु राशि हो या वक्री हो तो वह रक्त संबंधी रोग पैदा करेगा। यदि मंगल बुध का योग होगा तो रक्त या चर्म रोग की समस्या अवश्य खड़ी होगी यदि मंगल और केतु बुध छठे या बारहवें स्थान में हो तो चर्म रोग होता है। यदि मंगल और शनि छठे या बारहवें भाव में हों तो यदि मंगल षष्ठेश के साथ हो तो चर्म रोग होता है। यदि षष्ठेश शत्रुगृही, नीच, वक्री अथवा अस्त हो तो चर्म -रोग होता है। यदि षष्ठेश पाप ग्रह होकर लग्न, अष्टम या दशम स्थान में बैठा हो तो चर्म-रोग होता है। यदि बुध और राहु षष्ठेश और लग्नेश के साथ हो तो चर्म-रोग होता है। चन्द्र मंगल शनि शुक्र जल राशि मे हो और लग

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लो शू ग्रिड में शताब्दि अंक लेने पर भी पूरे नौ अंक प्राप्त नहीं होते। किसी भी अंक का ना होना मिसि…

लो शू ग्रिड में शताब्दि अंक लेने पर भी पूरे नौ अंक प्राप्त नहीं होते। किसी भी अंक का ना होना मिसिंग नंबर कहलाता है किसी भी अंक के न होने का प्रभाव क्या होता है यदि किसी के अंक चक्र में 1 का अंक नहीं है तो उसे जीवन में आगे बढ़ने के लिये दूसरे व्यक्ति का परामर्श या सहारा चाहिए होता है यदि किसी के अंक चक्र में 2 का अंक नहीं है तो वह अपनी बात आत्मविश्वास से नहीं कह पाएगा। यदि अंक चक्र में 3 अंक न हो तो गुरु जनों व ईश्वर की कृपा कम प्राप्त होती है। अधिक मेहनत करने के बाद उद्देश्य की प्राप्ति होती है। यदि अंक चक्र में 4 न हो तो व्यक्ति अपने विचारों में उलझा रहता है और वह व्यक्ति दिशाहीन हो जाता है। अंक 5 न होने पर व्यक्ति वार्तालाप करने में असफल, पढ़ने में मन न लगना व पैसे का अभाव बना रहता है अंक 6 न होने पर भौतिक तथा पारिवारिक सुख व भोग विलास की कमी रहती है। अंक चक्र में यदि 7 अंक न हो तो व्यक्ति के कामों व पढ़ाई में रूकावट आयेगी। यह अंक मध्यम में होने के कारण सभी अंकों का आधार अंक है। यदि अंक चक्र में 8 अंक न हो तो व्यक्ति में निर्णय शक्ति की कमी व उसे भौतिक साधनों का अभाव रहता है। यदि अंक चक्र में 9 अंक न हो तो व्यक्ति को शौर्य की कमी रहती है। जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है व सुख साधन असानी से प्राप्त नहीं होते।

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*व्यापार मे कोई भी सामान खोना*/*चोरी होना आम

बात है*।???? अंक विद्या में गुम हुई वस्तु के बारे में प्रश्र किया जाए तो उसका जवाब बहुत हद तक सच साबित होता है। जैसे… सर्व प्रथम आप 1 से 108 के बीच का एक अंक मन मे सोचे। और उस अंक को 9 से भाग दें। शेष जो अंक आये तो आगे लिखे अनुसार उसका उत्तर होगा। * शेष अंक 1 ( सूर्य का अंक है ) पूर्व में मिलने की आशा है। * शेष अंक 2 ( चंद्र का अंक है ) वस्तु किसी स्त्री के पास होने की आशा है पर वापस नहीं मिलेगी। * शेष अंक 3 ( गुरु का अंक है ) वस्तु वापिस मिल जायेगी। मित्रों और परिवार के लोगों से पूछें। * शेष अंक 4 ( राहु का अंक है ) ढूढ़ने का प्रयास व्यर्थ है। वस्तु आप की लापरवाही से खोई है। * शेष अंक 5 ( बुध का अंक है ) आप धैर्य रख्खें वस्तु वापस मिलने की आशा है। * शेष अंक 6 ( शुक्र का अंक है ) वस्तु आप किसी को देकर भूल गए हैं। घर के दक्षिण पूर्व या रसोई घर में ढूंढने की चेष्टा करें * शेष अंक 7 ( केतु का अंक है ) चिंता न करें खोई वस्तु मिल जायेगी। * शेष अंक 8 ( शनि का अंक है ) खोई वस्तु मिलने की आशा नहीं है। वस्तु को भूल जाएँ तो अच्छा है। * शेष अंक 9 या 0 ( मंगल का अंक है ) यदि खोई वस्तु आज मिल गई तो ठीक अन्यथा मिलने की कोई आशा नहीं है। उदाहरण :- के लिए अगर प्रश्नकर्ता ने 83 अंक कहा है तो 83 को 9 से भाग दें 83÷9 = 2 शेष आया 2 जो चंद्मा का अंक है। वस्तु किसी स्त्री के पास है पर वापस प्राप्त नहीं होगी।

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉

🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻मंगलवार, १४ जुलाई २०२०🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:३४ सूर्यास्त: 🌅 ०७:२३ चन्द्रोदय: 🌝 २५:०२ चन्द्रास्त: 🌜१३:३५ अयन 🌕 उत्तरायणे (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 श्रावण पक्ष 👉 कृष्ण तिथि: 👉 नवमी (२०:२४ तक) नक्षत्र: 👉 अश्विनी (१४:०७ तक) योग: 👉 धृति (२३:३७ तक) प्रथम करण: 👉 तैतिल (०७:१८ तक) द्वितीय करण: 👉 गर (२०:२४ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मिथुन चंद्र 🌟 मेष मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 मिथुन (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (अस्त, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५५ से १२:५० अमृत काल: 👉 ०६:०३ से ०७:५१ होमाहुति: 👉 राहु अग्निवास: 👉 पृथ्वी (२०:२४ तक) दिशा शूल: 👉 उत्तर नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌ चन्द्र वास: 👉 पूर्व दुर्मुहूर्त: 👉 ०८:१५ से ०९:१० राहुकाल: 👉 १५:४९ से १७:३२ राहु काल वास: 👉 पश्चिम यमगण्ड: 👉 ०८:५६ से १०:३९ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - रोग २ - उद्वेग ३ - चर ४ - लाभ ५ - अमृत ६ - काल ७ - शुभ ८ - रोग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - काल २ - लाभ ३ - उद्वेग ४ - शुभ ५ - अमृत ६ - चर ७ - रोग ८ - काल नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

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*पितृ दोष -नौकरी, व्यापार , विवाह में रुकावटें, गृह क्लेश, संतानहीनता , अकाल मृत्यु , परिवार में…

*पितृ दोष -नौकरी, व्यापार , विवाह में रुकावटें, गृह क्लेश, संतानहीनता , अकाल मृत्यु , परिवार में बीमारी लक्षण है - वैदिक ज्योतिष अनुसार* *लाल किताब के अनुसार* जब भी किसी जातक की कुंडली के लग्न भाव में राहु ग्रह का होना अथवा राहु + सूर्य / चंद्रमा + केतु. कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न करता है। इसके अलावा लाल किताब के अनुसार जब किसी की कुंडली में शुक्र, बुध या राहु दूसरे, पांचवें, सात , नौवें अथवा बारह्वें भाव में होते हैं तो जातक का पितृ दोष उत्पन्न होता है। *कुंडली में आंशिक पितृ दोष भी होता है।* *बृहतपराशर होरा शास्त्र के अनुसार* जन्म कुंडली में 14 प्रकार के शापित योग हो सकते हैं. जिनमें पितृ दोष, मातृ दोष, भ्रातृ दोष, मातुल दोष, प्रेत दोष आदि कुंडली में सूर्य + शनि की युति 1.2.4.5.7.9.10 भाव में हो तो जातक पितृ दोष का भागी होता हैं , *काल पुरुष की कुंडली में चन्द्रमा ग्रह माता का कारक हे जन्म कुंडली में चंद्र-राहु, चंद्र-केतु, चंद्र-बुध, चंद्र-शनि, आदि की युति हो तो जातक को 'मातृ दोष ' का योग कुंडली में बन ही जाता है।* *जय शनिदेव*🌹👏🏻👏🏻🙏🏻

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आज जिनका जन्मदिन है (13.7.2020)

जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 13 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : दिनांक 13 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं। शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31, शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57, शुभ वर्ष : 2020, 2031, 2040, 2060 ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान शुभ रंग : नीला, काला, भूरा कैसा रहेगा यह वर्ष यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

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*आज का पंचांग और राशिफल*

*13 -जुलाई - 2020 , सोमवार* 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 *13-जुलाई-2020 का पञ्चाङ्ग* *वार:-सोमवार* *माह:-श्रावण* *पक्ष :-कृष्णपक्ष* *तिथी :- अष्टमी - 06:24 पी एम तक तत्पश्चात - नवमी* *नक्षत्र:- रेवती - 11:29 ए एम तक तत्पश्चात - अश्विनी* *योग:- सुकर्मा - 11:03 पी एम तक तत्पश्चात- धृति* *प्रथम करण:-कौलव - 06:24 पी एम तक द्वितीय करण-तैतिल-पूर्ण रात्रि तक* *चन्द्रमा:- मीन* *सूर्योदय:-05:17* *सूर्यास्त:19:02* *दिशाशूल:-पूर्व* *ऋतु :-वर्षा ऋतु* *गुलीक काल-1:53 पी एम-* *से 03:36 पी एम* *राहू काल:- 07:00 ए एम-* *से 08:43 ए एम तक* *अभीजित:- 11:42 ए एम-* *से12:37 ए एम तक* *विक्रम सम्वत ........2077* *शक सम्वत .......... 1942* *संवत्सर नाम .........प्रमादी* ===================== *🌞दिन का चौघड़िया🌞* ----------------------------------- *अमृत -05:17 ए एम-* *से 07:00 ए एम तक* *शुभ -08:43 ए एम-* *से 10:26 ए एम तक* *चंचल- 01:53 पी एम-* *से 03:36 पी एम तक* *लाभ - 03:36 पी एम-* *से 05:19 पी एम तक* *🌙रात्रि का चौघड़िया* ------------------------------ *अमृत - 05:19 पी एम* *से 07:02 पी एम तक* *चंचल - 07:02 पी एम-* *से 08:19 पी एम तक* *लाभ-10:53 पी एम से* *12:10 ए एम जुलाई 14 तक* *शुभ- 01:27 ए एम से-* *2:44 ए एम,जुलाई 14 तक* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *मेष (चु, चे, चो, ला, लि, लु, ले, लो, अ) :-* *बॉस से आपको काफी अच्छी सलाह और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विद्यार्थी नया कुछ सीखने की कोशिश करेंगे। कई मानसिक उलझनों को सुलझा लेंगे। धार्मिक विचारों के प्रभाव में रहेंगे। अपने काम की गुणवत्ता को बढ़ाने का प्रयास करें*। *वृषभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वि, वु, वे, वो) :- नजदीकी लोग धोखा दे सकत

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सादर प्रणाम🙏

हमारे ऋषियों महर्षियों की कृपा प्रसादी वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित यह vedic astro care यूट्यूब चैनल जनकल्याणार्थ चलाया जा रहा है। जिसमें वैदिक ज्योतिष शास्त्र परिचय के साथ जन्मकुंडली के अनेक योग ग्रहदोष एवं उपाय प्रसारित किये जाते हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कृपया vedic astro care यूट्यूब चैनल को आप स्वयं सब्सक्राइव व शेयर करके अपने मित्रों व बन्धु बान्धवों से सब्सक्राइव व शेयर करने के लिए प्रेरित करें।

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🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩

📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜 कलियुगाब्द..........................5122 विक्रम संवत्.........................2077 शक संवत्............................1942 मास...................................श्रावण पक्ष.....................................कृष्ण तिथी...................................सप्तमी दोप 03.48 पर्यंत पश्चात अष्टमी रवि.................................दक्षिणायन सूर्योदय............प्रातः 05.49.51 पर सूर्यास्त.............संध्या 07.15.12 पर सूर्य राशि...............................मिथुन चन्द्र राशि................................मीन गुरु राशि..................................धनु नक्षत्र..........................उत्तराभाद्रपद प्रातः 08.08 पर्यंत पश्चात रेवती योग...................................अतिगंड रात्रि 09.48 पर्यंत पश्चात सुकर्मा करण......................................बव दोप 03.48 पर्यंत पश्चात बालव ऋतु.......................................वर्षा *दिन...............................रविवार* 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* *१२ जुलाई सन २०२० ईस्वी ।* ☸ शुभ अंक.........................3 🔯 शुभ रंग.........................लाल ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 12.05 से 12.58 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* संध्या 05.31 से 07.11 तक ।

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